पंजाब में पीएसआईईसी के पूर्व अधिकारियों के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
- मोहाली और अमृतसर में औद्योगिक भूखंडों के कथित फर्जी आवंटन की जांच तेज
चंडीगढ़, 04 अगस्त (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को पंजाब स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसआईईसी) के एक पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, एक कार्यकारी निदेशक और एक पूर्व महाप्रबंधक के आवास पर छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी ने निगम के मुख्य कार्यालय से भी मामले से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है।
सूत्रों के अनुसार ईडी वर्ष 2012 से मोहाली और अमृतसर में कम से कम 20 औद्योगिक भूखंडों के कथित फर्जी और नियमों के विरुद्ध आवंटन की जांच कर रहा है। आरोप है कि इन भूखंडों का आवंटन कुछ अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था।पिछले वर्ष ईडी ने पंजाब के तत्कालीन प्रमुख सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और पीएसआईईसी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर वर्ष 2012 के बाद आवंटित किए गए औद्योगिक भूखंडों का पूरा विवरण मांगा था। इसके साथ ही निगम या किसी अन्य जांच एजेंसी द्वारा की गई जांच, दर्ज प्राथमिकी और अन्य संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा गया था।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने उस समय यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया था कि मामले की जांच पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता और ईडी के केंद्रीय जांच एजेंसी होने के कारण उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने अब यह मामला आवश्यक आदेशों के लिए मुख्य सचिव के पास भेज दिया है। ईडी की जांच पंजाब सतर्कता ब्यूरो की ओर से पीएसआईईसी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम अब भूखंड आवंटन से जुड़े दस्तावेजों, अधिकारियों की भूमिका, आवेदनों की प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं से सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ और इसमें किन अधिकारियों या निजी व्यक्तियों की भूमिका रही। छापेमारी के दौरान बरामद रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

