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मानहानि मामले में एक साल की सजा के खिलाफ अपील करेंगे सिमरजीत सिंह बैंस

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- पटियाला की अदालत ने आठ साल पुराने मामले में सुनाई एक साल की कैद, पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने दर्ज करवाई थी शिकायत

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस नेता और लुधियाना के आत्म नगर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने मानहानि के मामले में मिली एक साल की कैद की सजा को चुनौती देने का ऐलान किया है। मंगलवार को बैंस ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

पटियाला की अदालत ने आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि मामले में बैंस को एक साल की कैद की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2018 का है, जब बैंस लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख थे। उस समय उन्होंने पंजाब के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर दवाइयों और नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद ब्रह्म मोहिंद्रा ने अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बैंस के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद कई वर्षों तक अदालत में मामले की सुनवाई चलती रही। फैसला आने से पहले इस मामले में 297 बार सुनवाई हुई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए बैंस ने कहा कि वह पहले सत्र न्यायालय में फैसले को चुनौती देंगे और आवश्यकता पड़ने पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा पंजाब में भ्रष्टाचार और समाज विरोधी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। बैंस ने कहा कि जब यह मामला दर्ज हुआ था, तब वह और ब्रह्म मोहिंद्रा अलग-अलग राजनीतिक दलों में थे, जबकि अब दोनों कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्होंने जो बयान दिए थे, वे पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिए गए थे।

इस दौरान बैंस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वर्ष 2023 के मानहानि मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। बैंस ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं और जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। बैंस ने स्पष्ट किया कि एक साल की सजा से उनके हौसले कमजोर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और अपना पक्ष उच्च अदालतों के सामने रखेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH