कांग्रेस पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री से की इस्तीफे की मांग
‘छात्रों की गूंज’ 40 दिनों का अभियान, देश के हर कोने तक पहुंचेगा
चंडीगढ़, 25 जून (हि.स.)। कांग्रेस ने देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियों और बढ़ती बेरोज़गारी के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।कांग्रेस ने देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से 40 दिनों का अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं, बार-बार परीक्षा रद्द होने और देरी के खिलाफ छात्रों को एकजुट करना है। साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे परीक्षा तंत्र में बड़े सुधार की मांग की है।
आज इस अभियान की घोषणा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीडब्ल्यूसी सदस्य राजीव शुक्ला, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर लक्की ने बताया कि यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा। इसके तहत कोचिंग सेंटर, विश्वविद्यालय, छात्रावास, लाइब्रेरी और सार्वजनिक स्थानों पर छात्रों से संवाद किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा विवादों ने छात्रों का भरोसा पूरी तरह हिला दिया है। यह अब सिर्फ शिक्षा का नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का राष्ट्रीय संकट बन गया है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य मुद्दा नीट यूजी 2026 परीक्षा है। आरोपों के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द करनी पड़ी, सीबीआई जांच शुरू हुई और 20 लाख से अधिक छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। इससे छात्रों को भारी मानसिक और शैक्षणिक नुकसान हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि उन संस्थाओं पर से लोगों का भरोसा टूटने का मामला है, जिनकी जिम्मेदारी निष्पक्ष परीक्षा करवाने की है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान हुई गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं। अगर प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो सकते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ छोटे कर्मचारियों की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह लगातार हो रहे पेपर लीक रोकने में पूरी तरह विफल रही है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अभियान की शुरुआत 30 जून से होगी। इसके तहत पर्चे बांटे जाएंगे, नुक्कड़ सभाएं होंगी और छात्रों से सीधे संवाद किया जाएगा। पूरे जुलाई महीने में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों से संवाद, कैंपस कार्यक्रम और ‘अंबेडकर संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान 1 अगस्त को देश के 28 शहरों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ेगा और 9 अगस्त को नई दिल्ली में ‘संसद घेराव’ किया जाएगा, ताकि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज़ सुने और उनकी मांगों पर कार्रवाई करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

