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रिश्वत मामले में पूर्व डीआईजी भुल्लर और सहयोगी पर आरोप तय, 23 जुलाई से शुरू होगा ट्रायल

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रिश्वत मामले में पूर्व डीआईजी भुल्लर और सहयोगी पर आरोप तय, 23 जुलाई से शुरू होगा ट्रायल


चंडीगढ़, 10 जुलाई (हि.स.)। विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में निलंबित पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगी कृषाणु शारदा के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अदालत ने दोनों आरोपियों की डिस्चार्ज याचिकाएं खारिज करते हुए मामले में सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।

यह मामला पिछले वर्ष आकाश बत्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनाती के दौरान हरचरण सिंह भुल्लर ने सिरहिंद थाने में दर्ज एक एफआईआर में राहत दिलाने और शिकायतकर्ता के कारोबार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न करने के बदले निजी बिचौलिए कृषाणु शारदा के माध्यम से रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 16 अक्टूबर, 2025 को जाल बिछाकर कार्रवाई की। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कृषाणु शारदा शिकायतकर्ता से मांगी गई रिश्वत की राशि में से 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसी दिन हरचरण सिंह भुल्लर को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने दिसंबर, 2025 में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

डिस्चार्ज याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि सीबीआई को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का अधिकार नहीं था। वहीं, सीबीआई के लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह ने इस दलील का विरोध करते हुए आरोप तय किए जाने की मांग की।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने हरचरण सिंह भुल्लर और कृषाणु शारदा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत आरोप तय किए।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख निर्धारित की है, जब इस प्रकरण में ट्रायल शुरू होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH