चंडीगढ़ के ‘झाड़ू योद्धा’ इंदरजीत सिंह सिद्धू 23 जून को पद्मश्री से होंगे सम्मानित
- 88 वर्षीय पूर्व
आईपीएस अधिकारी ने स्वच्छता सेवा को बनाया जीवन का मिशन
चंडीगढ़, 18 जून (हि.स.)। पंजाब कैडर के 88 वर्षीय
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू 23 जून को
राष्ट्रपति भवन में नागरिक अलंकरण समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से
सम्मानित किये जायेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी। इसी साल गणतंत्र दिवस पर उनके
नाम की घोषणा की गई थी।
इंदरजीत सिंह सिद्धू उन 65 सम्मानित व्यक्तियों में शामिल होंगे, जिन्हें
समारोह के दूसरे चरण में सम्मानित किया जाना है। इससे पहले 25 मई को पहले चरण में 66 पुरस्कार
विजेताओं को सम्मानित किया गया था। पूर्व पुलिस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू देशभर में चंडीगढ़
को स्वच्छ रखने के अपने अनूठे अभियान के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 1996 में पंजाब पुलिस
से उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ को
अपना निवास बनाया।
चंडीगढ़ के सेक्टर-49 में रहने वाले सिद्धू हर सुबह तड़के उठकर सड़कों, पार्कों और
सार्वजनिक स्थलों की सफाई करते हैं। वह स्वयं कचरा एकत्र करते हैं और
साइकिल-रेहड़ी के माध्यम से उसे उचित स्थान तक पहुंचाते हैं। उनकी यह सेवा पिछले
कई वर्षों से लगातार जारी है। इंदरजीत सिंह सिद्धू का मानना है कि पर्यावरण और स्वच्छता
के प्रति उनकी सोच श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरित है। उनका कहना है
कि पवन गुरु, पानी पिता और
धरती माता है। जो व्यक्ति अपनी मां समान धरती पर गंदगी फैलाता है, उससे बुरा कोई
नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि लोगों को सफाई करने में नहीं, बल्कि गंदगी
फैलाने में शर्म महसूस करनी चाहिए। उनके अनुसार समाज में स्वच्छता के प्रति
जागरूकता पैदा करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इंदरजीत सिंह सिद्धू की सफाई करते हुए और कचरे से भरी
रेहड़ी खींचते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद उनकी सेवा
भावना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इंदरजीत सिंह सिद्धू का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल
स्वयं सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को
इसके लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि यदि 88 वर्ष की आयु में भी वह अपने हाथों से सफाई कर
सकते हैं, तो समाज का हर व्यक्ति इस अभियान में योगदान दे सकता है।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा सहित कई
प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें अनुशासन, समर्पण और सेवा
का प्रतीक बताया।पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद
कटारिया ने भी उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि इंदरजीत सिंह सिद्धू ने यह साबित कर दिया है कि समाज सेवा के लिए
न उम्र मायने रखती है और न ही पद। उनकी निस्वार्थ सेवा देशभर के नागरिकों के लिए
प्रेरणा का स्रोत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

