चंडीगढ़ में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
चंडीगढ़, 11 अगस्त (हि.स.)। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गैंगस्टर व अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपित विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंदल के गुर्गे हैं, जबकि चौथा आरोपित पाकिस्तानी हथियार सप्लायर के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों की खेप हासिल करता था।
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं, जिनमें एक जिगाना पिस्तौल और दो चीन निर्मित पीएक्स-3 पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 3 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर ऑपरेशन सेल की टीम गश्त पर थी। इस दौरान संदेह के आधार पर अजय, रोहित और देव नामक तीन युवकों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से दो विदेशी पिस्तौल, एक मैगजीन और 11 जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए अंतरराज्यीय छापेमारी की गई और मुख्य हथियार सप्लायर निशान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। निशान सिंह के पाकिस्तान स्थित हथियार तस्कर के संपर्क में होने की बात सामने आई है।
जांच में पुलिस को पता चला कि विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंदल ने अजय, रोहित और देव को मोटी रकम का लालच देकर अपने गिरोह से जोड़ा था। आरोप है कि दीपक नंदल पाकिस्तान स्थित हथियार सप्लायर के संपर्क में था और निशान सिंह के जरिए हथियार अपने गुर्गों तक पहुंचाता था।पुलिस का दावा है कि आरोपी फिरौती मांगने की साजिश रच रहे थे और किसी वारदात के दौरान फायरिंग करने की तैयारी में थे। आरोपियों ने हरियाणा के गुरुग्राम में अपने निशाने की पहले ही रेकी कर ली थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनीपत जिले का रहने वाला और फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहा अरुण नामक व्यक्ति दीपक नंदल और तीनों आरोपियों के बीच संपर्क स्थापित कराने में शामिल था।
पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय अजय जींद जिले के गांव निडानी का रहने वाला है। वह मारुति कंपनी में हेल्पर का काम करता था। उसे गिरोह और अन्य आरोपियों के बीच मुख्य कड़ी बताया गया है। अजय ने कथित तौर पर गैंगस्टर के निर्देश पर निशाने की रेकी की और अवैध हथियारों की खेप पहुंचाने में भी भूमिका निभाई। रोहित भी जींद के गांव निडानी का रहने वाला है और बिजली की दुकान पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक अजय ने ही उसका संपर्क दीपक नंदल के गिरोह से करवाया था। वह भी रेकी और संभावित वारदात की तैयारी में शामिल था। देव जींद की विश्वकर्मा कॉलोनी का रहने वाला है और दुकान पर हेल्पर का काम करता था। पुलिस के अनुसार वह भी अजय के जरिए गिरोह से जुड़ा था।
चौथा आरोपी निशान सिंह अमृतसर के सीमावर्ती गांव काकर का रहने वाला है और गांव में डेयरी चलाता है। पुलिस का कहना है कि निशान सिंह पाकिस्तान में मौजूद एक व्यक्ति के संपर्क में था। वह सीमा पार से ड्रोन के जरिए अपने खेत में अवैध हथियारों की खेप हासिल करता था और इसके बाद इन हथियारों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के स्थानीय गुर्गों तक पहुंचाता था। निशान सिंह से एक चीन निर्मित पीएक्स-3 पिस्तौल, एक मैगजीन और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में थाना सेक्टर-31 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

