चंडीगढ़ में 180 ईटीटी शिक्षकों का वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास के बाहर प्रदर्शन
चंडीगढ़, 22 अगस्त (हि.स.)। पंजाब के 180 से अधिक एलीमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ईटीटी) शिक्षकों ने शनिवार को अपने परिवारों के साथ चंडीगढ़ में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित बड़े स्तर की अनियमितताओं और विभागीय क्लर्क की भूमिका को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग के एक क्लर्क ने भर्ती प्रक्रिया में अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गड़बड़ी की और अब तक उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षकों ने क्लर्क को निलंबित करने की मांग की।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री ने मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान से बैठक करवाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे करीब 10 वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
शिक्षकों के अनुसार, उनकी भर्ती वर्ष 2016 में हुई थी, लेकिन बाद में भर्ती प्रक्रिया में खामियां बताकर उन्हें सेवा से हटा दिया गया। इसके बाद अदालत के आदेश पर उन्हें दोबारा बहाल किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि एक आईएएस अधिकारी की रिपोर्ट में भी इस विवाद के लिए संबंधित क्लर्क की गलती बताई गई है और 180 ईटीटी शिक्षकों को दोषी नहीं माना गया। इसके बावजूद कई दौर की बैठकों के बाद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने संबंधित विभागीय कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने का काम किया। शिक्षकों ने कहा कि वे न्याय की मांग को लेकर चंडीगढ़ पहुंचे थे।
धरने के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंजाब पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वित्त मंत्री के आवास के आस-पास के क्षेत्र से हटा दिया।
शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि भर्ती मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और लंबे समय से चल रहे विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

