चंडीगढ़ में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'आप' का प्रदर्शन, मनीष सिसोदिया समेत कई नेता हिरासत में
- ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना
-हरपाल सिंह चीमा ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत का किया विरोध
चंडीगढ़, 10 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किया।
प्रदर्शन के दौरान 'आप' कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और बैरिकेडिंग भी की गई थी। बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने मनीष सिसोदिया, बलतेज पन्नू और सोनिया मान समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति आपातकाल के दौरान भी देखने को नहीं मिली थी।
सिसोदिया ने कहा कि 'आप' दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से दिए गए प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन करती है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर दावा किया कि मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हैं। ये आरोप राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे युवाओं को रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है।
चीमा ने केंद्र सरकार पर ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात पैदा करने का आरोप लगाया।
'आप' का यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-6 में कथित बदलावों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हुआ। पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

