पंजाब : एंटी ड्रग एक्टिविस्ट झोटा का पांचवें दिन भी नहीं हुआ संस्कार
-संघर्ष समिति का ऐलान, आआपा विधायकों का करेंगे घेराव
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब के मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद राजनीति पूरी तरह से गरमाई हुई है। झोटा के परिजनों तथा संघर्ष कमेटी ने शनिवार को प्रशासन की साथ हुई बैठक के दौरान शव लेने से इनकार कर दिया। अभी तक परिवार की पांच मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
शुक्रवार देररात पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पार्टी संसद में झोटा हत्याकांड का मुद्दा उठाएगी। पिता भीम सिंह का कहना है कि मांगें पूरी होने के बाद ही बेटे का शव नहीं लेंगे।
झोटा का शव मानसा सिविल अस्पताल में रखा हुआ है। परिजनों की सहमति नहीं मिलने के कारण अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हुआ है। इंसाफ कमेटी ने ऐलान किया कि 19 अक्टूबर को पंजाब भर में आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा।
हत्या के बाद प्रदर्शन में आगजनी, तोडफ़ोड़ और भडक़ाऊ भाषण को लेकर पुलिस ने 2 केस दर्ज किए हैं।
डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। 14 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया जा चुका है। 14 अक्टूबर को हत्या के विरोध में लोगों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोडफ़ोड़ कर आग लगा दी। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसके घर का एक हिस्सा अवैध निर्माण का हवाला देकर गिराया।
झोटा के पिता भीम सिंह ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही। परिवार ने सीबीआई जांच, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे समेत पांच मांगें रखी हैं। पंजाब पुलिस इस मामले में थाना सिटी-2 की प्रभारी बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच के लिए डीजीपी ऑफिस को सिफारिश की गई है। केंद्र सरकार ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा से जवाब तलब कर लिया है। जारी किए गए लेटर में लिखा है कि घटना के संबंध में एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और इस मामले में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी प्रदान की जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

