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गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून पर अकाल तख्त की कमेटी सख्त, पंजाब सरकार से लागू करने की प्रक्रिया रोकने की मांग

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- पंजाब सरकार से 29 जून के आदेशों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी- कमेटी ने कहा-कानून के अमल पर रोक लगाने के बाद ही सरकार से होगी आगे की बातचीत

चंडीगढ़, 07 नवंबर (हि.स.) श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान और मर्यादा से जुड़े पंजाब सरकार के 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026' को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की विशेषज्ञ कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कमेटी ने पंजाब सरकार से संशोधित कानून को लागू करने की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि सरकार द्वारा इस संबंध में कदम उठाए जाने के बाद ही आगे की बातचीत की जाएगी।

शनिवार को श्री आनंदपुर साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित कानूनी विशेषज्ञों और सिख विद्वानों की कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रूपिंदर सिंह सोढ़ी, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मोहिंदर मोहन सिंह बेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्ण सिंह हुंदल, सिख विद्वान डॉ. केहर सिंह और प्रोफेसर जगमोहन सिंह उपस्थित रहे।

बैठक में सदस्यों ने कानून से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद फैसला लिया गया कि पंजाब सरकार पहले संशोधन अधिनियम के अमल पर पूरी तरह रोक लगाए। इसके अलावा सरकार को 29 जून 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेशों पर अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।

कमेटी का कहना है कि श्री अकाल तख्त साहिब की सहमति के बिना इस कानून को लागू करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा गठित तालमेल कमेटी के नोडल अधिकारी ने 23 अक्टूबर 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को पत्र भेजा था। इसमें सरकार की ओर से विशेषज्ञ कमेटी के साथ बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की गई थी।

सचिवालय ने यह पत्र विशेषज्ञ कमेटी के समन्वयक को भेज दिया था। इसी प्रस्ताव और कानून से जुड़े अन्य विषयों पर विचार करने के लिए शनिवार को बैठक बुलाई गई।

विशेषज्ञ कमेटी ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि 7 अगस्त 2026 को भी सार्वजनिक बयान के माध्यम से 29 जून के आदेशों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई थी। हालांकि, कमेटी के अनुसार सरकार ने अब तक इस संबंध में कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई है।

सदस्यों ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े विषय पर श्री अकाल तख्त साहिब की भावनाओं और निर्देशों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कमेटी ने बताया कि 8 मई को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और 29 जून को राज्य सरकार के मंत्रियों तथा विधायकों को इस विषय में निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कमेटी के अनुसार संशोधन कानून को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की अपेक्षाओं के अनुरूप कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञ कमेटी ने स्पष्ट किया कि अब सरकार को अपना रुख गंभीरता से स्पष्ट करना होगा। कमेटी के मुताबिक, कानून के अमल पर रोक लगाने और पहले जारी आदेशों की पालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत पर विचार किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH