आआपा के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाने वाला विधायक पार्टी से निलंबित
मौड़ के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना ने अपनी ही सरकार को घेरा था
चंडीगढ़, 03 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने मौड़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने उन पर कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है। निलंबन आदेश आप पंजाब के प्रदेश महासचिव हरचंद सिंह बरसट की ओर से जारी किया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब राजनीतिक हलकों में मैसरखाना के संभावित इस्तीफे को लेकर चर्चाएं चल रही थी। इससे कुछ समय पहले ही वह सोशल मीडिया पर लाइव आए थे और अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी तथा अन्य शिक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार से नाराजगी जताई थी।
करीब 14 मिनट के फेसबुक लाइव के दौरान मैसरखाना भावुक भी हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के खाली पदों का मुद्दा वह पार्टी नेतृत्व, मुख्यमंत्री भगवंत मान और वरिष्ठ आप नेता मनीष सिसोदिया तक उठा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मैसरखाना ने बुर्ज साहिमा सहित कुछ स्कूलों को अपग्रेड करने और शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग उठाई। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि पार्टी उनका टिकट काटना चाहती है तो काट दे, लेकिन वह अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े मुद्दे उठाना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी और सरकार में पर्याप्त सुनवाई नहीं मिल रही तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय हासिल करना भी मुश्किल रहा। तरनतारन चुनाव से जुड़े कुछ गंभीर दावे भी उन्होंने किए हैं।
मैसरखाना 2022 में पहली बार मौड़ विधानसभा सीट से आप के टिकट पर विधायक चुने गए थे। पंजाब विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उन्हें मौर से निर्वाचित विधायक दर्ज किया गया है। आप की कार्रवाई के बाद अब यह मामला पंजाब की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी की ओर से फिलहाल निलंबन आदेश में लगाए गए आरोपों से आगे कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

