पंजाब विधानसभा में बाजवा ने पूछा, लॉरेंस का इंटरव्यू करवाने वाला अधिकारी कहां गायब
- गैंगस्टरों के मुद्दे पर भिड़े आम आदमी पार्टी और कांग्रेस विधायक
चंडीगढ़, 06 अगस्त (हि.स.)। पंजाब विधानसभा में गुरुवार को गैंगस्टरों के मुद्दे पर सरकार तथा विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि ड्रग्स के एक मामले में तीन साल से एक आरोपी अफसर फरार है। साथ ही लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू से जुड़े एक मामले में निलंबित डीएसपी के खुलेआम घूमने का आरोप लगाया। बाजवा ने दावा किया कि उनके पास 10-12 अधिकारियों की सूची है। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चार साल के कार्यकाल में भी सरकार स्थायी डीजीपी नियुक्त नहीं कर सकी और अभी भी कार्यवाहक (एडहॉक) डीजीपी के भरोसे व्यवस्था चल रही है।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कानून व्यवस्था और गैंगस्टर नेटवर्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के दौरान लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के गैंग की गतिविधियों की जांच की। उनके अनुसार, जांच में फिरौती के मामलों में पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत का भी जिक्र है। बाजवा ने आरोप लगाया कि टांडा में तैनात रहे एक एसएचओ का नाम भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में फिरौती की कॉल लगातार आ रही हैं। इसमें कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बाजवा ने एक प्रासंगिक मुद्दा उठाया, लेकिन उसे राजनीतिक रंग दे दिया। 2021 की विधानसभा की कार्यवाही का रिकॉर्ड निकाला जाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय सदन में बिक्रमजीत सिंह मजीठिया और सुखजिंदर सिंह रंधावा एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए कहते थे कि जग्गू भगवानपुरिया तेरा प्रोडक्ट है। अरोड़ा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कांटे आपने बोए हैं, अब हम उन्हें उखाडऩे का काम कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

