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23 साल की अस्मी ने रचा इतिहास, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बनीं

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23 साल की अस्मी ने रचा इतिहास, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बनीं


देश की किसी भी राज्य बार काउंसिल की सबसे कम उम्र की सदस्य बनने का दावा, निर्विरोध चुनी गईं अधिवक्ता अस्मी

पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की पहली जेन-जेड सदस्य बनीं, महिला प्रतिनिधित्व के मामले में भी बना नया रिकॉर्ड

चंडीगढ़, 27 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव में 23 वर्षीय अधिवक्ता अस्मी ने इतिहास रच दिया है। अस्मी को बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा का सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। चुनाव अधिकारी प्रदीप परमार ने मंगलवार शाम उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की।

जारी जानकारी के अनुसार, अस्मी देश की किसी भी राज्य बार काउंसिल की अब तक की सबसे कम उम्र की सदस्य बनी हैं। इसके साथ ही वह पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में निर्वाचित होने वाली जेनरेशन-जेड की पहली सदस्य भी बन गई हैं।

अधिवक्ता अस्मी ने बार काउंसिल की उस रिक्त सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था, जो मिंदरजीत यादव की पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के बाद खाली हुई थी।

इस सीट के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा तक किसी अन्य उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र जमा नहीं करवाया।

इसके बाद नामांकन वापस लेने की निर्धारित अवधि समाप्त होने पर मंगलवार, 27 अक्टूबर को शाम चार बजे चुनाव अधिकारी प्रदीप परमार ने अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।

अस्मी के निर्वाचन के अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के अध्यक्ष अमित राणा, उपाध्यक्ष शर्मिला शर्मा, भारतीय बार काउंसिल के सदस्य करनजीत सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत, पूर्व उपाध्यक्ष गुरतेज सिंह ग्रेवाल और पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह मौजूद रहे।

इसके अलावा बार काउंसिल सदस्य रजनी नंदा, डॉ. डीपीएस रंधावा और अजय चौधरी, पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता हरिंदर पाल सिंह ईशर तथा अधिवक्ता निहारिका सिंह ने भी अस्मी को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

अस्मी के निर्वाचन के साथ पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में महिला सदस्यों की संख्या को लेकर भी महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज होने का दावा किया गया है।

जारी जानकारी के मुताबिक, अब पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में देश की सभी राज्य बार काउंसिलों की तुलना में महिला सदस्यों का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक हो गया है।

इसे कानूनी पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महज 23 वर्ष की उम्र में बार काउंसिल की सदस्य बनने वाली अस्मी की उपलब्धि को युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। उनका निर्वाचन कानूनी पेशे में नई पीढ़ी की बढ़ती सक्रियता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जा रहा है। जेन-जी की पहली सदस्य के रूप में अस्मी का बार काउंसिल में प्रवेश न केवल युवा वकीलों के लिए नई संभावनाओं का संकेत है, बल्कि न्यायिक और अधिवक्ता संस्थाओं में महिलाओं तथा युवाओं की भागीदारी को भी नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH