मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एनएचएआई एवं जीएनसीटीडी से जुड़े मुद्दों पर यूटी लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की पांचवीं बैठक में राजधानी की विभिन्न लंबित आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली पुलिस, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), डीडीए, राजस्व विभाग, डीएमआरसी, बीएसईएस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राजधानी की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आपसी समन्वय के साथ प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करें, आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाएं और उन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करें जिनका सीधा लाभ प्रतिदिन लाखों यात्रियों और नागरिकों को मिलेगा।
प्रवेश साहिब सिंह ने बैठक में कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद आवश्यक है। प्रत्येक विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारियां और समयसीमा निर्धारित कर दी गई है। हमारी प्राथमिकता विभागीय बाधाओं को समाप्त कर परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करना है, ताकि दिल्लीवासियों को जमीनी स्तर पर स्पष्ट बदलाव दिखाई दे।
बैठक में एनएच-24 पर पटपड़गंज और पांडव नगर अंडरपास सहित बार-बार होने वाले जलभराव की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा नौसेना भवन, थल सेना भवन, महिपालपुर टी-पॉइंट तथा आर एंड आर अस्पताल अंडरपास जैसे संवेदनशील स्थलों की भी समीक्षा की गई। समिति ने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को स्थायी इंजीनियरिंग समाधान लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि एनएच -24 पर संबंधित नाले की डीसिल्टिंग का कार्य पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरा किया जा चुका है, जबकि एनएचएआई सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया गया जिससे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अंधेरिया मोड़-एनएच-48 कॉरिडोर, रंगपुरी बाईपास टनल के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग, रोहतक रोड कॉरिडोर, सर्विस रोड तथा ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बीएसईएस को शेष तकनीकी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने के निर्देश दिए गए, जबकि सभी संबंधित विभागों को लंबित स्वीकृतियों एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग में तेजी लाने के लिए कहा गया।
महिपालपुर फ्लाईओवर तथा परेड रोड/थल सेना भवन अंडरपास में जलभराव की समस्या पर भी विस्तृत चर्चा हुई। एनएचएआई के सलाहकारों को स्थायी इंजीनियरिंग समाधान के लिए विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एजेंसियों को ड्रेनेज एवं सीवर से जुड़े मुद्दों का संयुक्त रूप से समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
इस अवसर पर प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि हमारी सरकार अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी इंजीनियरिंग समाधान में विश्वास रखती है। चाहे एनएच-24 हो, महिपालपुर हो या कोई अन्य संवेदनशील स्थान- हमारा लक्ष्य बेहतर योजना, मजबूत समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से नागरिकों को दीर्घकालिक राहत प्रदान करना है।
बैठक में परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग को भूमि सीमांकन, म्यूटेशन तथा अन्य लंबित भूमि संबंधी औपचारिकताएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही डीडीए के साथ समन्वय कर विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने पर भी जोर दिया गया।
समिति ने दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित यूटिलिटी शिफ्टिंग, इन-प्रिंसिपल अप्रूवल तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में दिल्ली की सीमाओं पर एमसीडी टोल प्लाजा के कारण होने वाले यातायात जाम पर विशेष चर्चा हुई। समिति ने एनएचएआई और एमसीडी को संयुक्त रूप से परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने तथा राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त द्वारका एक्सप्रेसवे और यूईआर-II सहित राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई। दिल्ली पुलिस, एनएचएआई और एमसीडी को सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए संयुक्त रूप से सख्त प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यूईआर-II के लगभग 30 किलोमीटर लंबे मार्ग पर एम्बुलेंस उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित एजेंसियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनएचएआई को हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा सभी विभागों को अगली समीक्षा बैठक से पहले एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने को कहा गया।
इसके अलावा सर्विस रोड, यूटिलिटी शिफ्टिंग, भूमि अधिग्रहण, बिजली कनेक्टिविटी, डीएमआरसी समन्वय और अतिक्रमण हटाने से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को नियमित निगरानी और बेहतर समन्वय के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

