दिल्ली सरकार एमजीआईसीसीसी को कर रही मजबूत : सिरसा
नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बेटिंग क्लाइमेट चेंज (एमजीआईसीसीसी) में चल रहे सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में एमजीआईसीसीसी जिस नरेला विधानसभा क्षेत्र में स्थित है, वहां के विधायक राज करण खत्री भी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दिल्ली की क्षमता को मजबूत करने में एमजीआईसीसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षण, शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से यह संस्थान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को पूरा करना नहीं है, बल्कि एमजीआईसीसीसी को प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता, हरित क्षेत्र के विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर व्यावहारिक शोध एवं क्षमता निर्माण के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित करना भी है।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने संस्थान में चल रहे कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अब तक उन्नत की जा चुकी सुविधाओं की भी जानकारी ली। बहुउद्देशीय हॉल का नवीनीकरण, एप्रोच रोड एवं पाथवे का निर्माण, हॉस्टल भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट तथा अन्य सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों सहित कई प्रमुख कार्य पूरे किए जा चुके हैं। गेस्ट हाउस के सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों सहित नवीनीकरण का कार्य भी अंतिम चरण में है। इसके अलावा केबल एवं फीडर पिलर सिस्टम के उन्नयन, स्ट्रीट लाइटिंग तथा प्रदर्शनी हॉल के नवीनीकरण सहित अन्य कार्य भी प्रगति पर हैं।
वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए संस्थान के मुख्य भवन एवं अन्य सुविधाओं में अतिरिक्त मरम्मत एवं रखरखाव कार्य भी शुरू किए गए हैं। इनमें सिविल मरम्मत, पेंटिंग, फर्श, सैनिटरी कार्य, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल रखरखाव तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का अपग्रेडेशन शामिल है। महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बेटिंग क्लाइमेट चेंज का वर्ष 2009 में नामकरण किया गया था और यह दिल्ली सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

