दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह विकासपुरी स्थित छठ घाट में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों समेत समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योग अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंकज कुमार सिंह ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं और योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग को अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय मान्यता और पहचान मिली है। योग आज स्वास्थ्य, कल्याण और समरसता को बढ़ावा देने वाला वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है।
पंकज कुमार सिंह ने आगे कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिकों के लिए यह गर्व का विषय है कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक स्तर पर मनाने का फैसला लिया। इससे योग आज विश्व भर में स्वास्थ्य देखभाल और समग्र जीवनशैली का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि योग मानवता को भारत की सबसे अमूल्य सौगात में से एक है। यह आयु, भौगोलिक सीमाओं और संस्कृतियों से परे जाकर लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग प्रदान करता है। आज पूरी दुनिया स्वस्थ और बेहतर जीवन जीने के लिए योग को अपना रही है।
उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के साथ ही अपने-अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग और प्रतिबद्ध हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में योग को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मानसिक स्वास्थ्य और जीवन-शैली प्रबंधन समेत विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को अपनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की दैनिक स्वास्थ्य देखभाल में भी योग को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योग को बचपन से ही जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे वह शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
इस विशेष कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों द्वारा नियमित योगाभ्यास करने और अपने परिवारों और समुदायों के बीच योग के लाभों के प्रति जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

