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महिलाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आना चाहिए : विजेंद्र गुप्ता

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महिलाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आना चाहिए : विजेंद्र गुप्ता


नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आना चाहिए और विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देना चाहिए। हमारे लोकतंत्र की शक्ति समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी में निहित है और वर्ष 2047 के भारत के निर्माण में युवा महिलाओं की विशेष एवं महत्वपूर्ण भूमिका है। विजेंद्र गुप्ता ने युवा संवाद कार्यक्रम के तहत सोमवार को दिल्ली विधानसभा का भ्रमण करने पहुंची दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज की छात्राओं के साथ संवाद किया।

इस भ्रमण के माध्यम से छात्राओं को क्लासरुम की पढ़ाई से आगे बढ़कर एक लोकतांत्रिक संस्था के कामकाज को प्रत्यक्ष रूप से समझने तथा संविधान, विधायी प्रक्रियाओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में निकटता से जानने का अवसर मिला। छात्राओं ने विधानसभा परिसर का भ्रमण किया और इसकी समृद्ध लोकतांत्रिक एवं संसदीय विरासत से परिचित हुईं।

विजेंद्र गुप्ता के साथ संवाद के दौरान छात्राओं ने लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों, विधायी कार्यप्रणाली, सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर खुलकर एवं सार्थक चर्चा की। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक संवाद में भाग लिया तथा लोकतांत्रिक शासन और सदन की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी केवल मतदाता के रूप में सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सार्वजनिक नेतृत्व, नीति निर्माण, विधायी बहस और निर्णय प्रक्रिया तक विस्तृत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा के लिए युवा महिलाओं की समान भागीदारी, प्रतिभा और नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने छात्राओं को सार्वजनिक विषयों के प्रति जिज्ञासु बने रहने तथा अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों को भी समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़ना चाहिए और संवाद, तार्किक विचार-विमर्श तथा संवैधानिक मूल्यों के माध्यम से विभिन्न विषयों को समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

भ्रमण के दौरान छात्राओं ने दिल्ली विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत को करीब से जाना तथा इस भवन के भारत के संसदीय इतिहास से संबंध और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण विभूतियों एवं ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्हें विधानसभा की विरासत से जुड़ी विभिन्न पहलों तथा विधानसभा की समृद्ध ऐतिहासिक यात्रा को संकलित करने वाली कॉफी टेबल बुक ‘एक शताब्दी यात्रा’ से भी परिचित कराया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव