हर रीडिंग रूम और हर कंप्यूटर सेंटर ‘विकसित भारत’ की ओर एक सशक्त कदम : विजेंद्र गुप्ता
नई दिल्ली, 01 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज के समय में कंप्यूटर शिक्षा कोई सुविधा नहीं बल्कि समय की अनिवार्य आवश्यकता है। डिजिटल युग में साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी है। यह बात उन्होंने नांगलोई स्थित रघुनाथ धर्मशाला में सेवा भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सावित्री देवी गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन एवं रीडिंग रूम के उद्घाटन अवसर पर कही। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा तथा अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक विशाल भी उपस्थित थे, जिन्होंने शिक्षा, सामाजिक उत्थान और डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक संकल्प को रेखांकित किया।
सभा को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना केवल किसी भवन या कक्ष का उद्घाटन भर नहीं है, बल्कि उन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने जैसा है जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। उन्होंने सेवा भारती और गोयल परिवार द्वारा स्थापित किए गए कंप्यूटरों तथा विद्यार्थियों के लिए समर्पित रीडिंग रूम की व्यवस्था की सराहना की, जो स्थानीय युवाओं की शैक्षिक आकांक्षाओं को नई दिशा देगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक विशाल ने सेवा भारती के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान उन विद्यार्थियों को विशेष रूप से लाभान्वित करेगा जो महंगी शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अत्यंत नाममात्र शुल्क पर कंप्यूटर शिक्षा और अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे तथा वे आवश्यक डिजिटल कौशल प्राप्त कर अपने शैक्षिक और व्यावसायिक लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना नहीं रह गया है, बल्कि डिजिटल ज्ञान भी उतना ही आवश्यक हो गया है। आज लगभग हर पेशे और सरकारी सेवा में कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में समुदाय के बीच नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध यह सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी जो महंगे प्रशिक्षण संस्थानों का खर्च वहन नहीं कर सकते।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत एक डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है, जैसे कभी औद्योगिक क्रांति ने विश्व को बदला था। डिजिटल इंडिया जैसी पहलों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत वैश्विक तकनीकी प्रगति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अपने छात्र जीवन को याद करते हुए गुप्ता ने कहा कि पढ़ाई के लिए शांत वातावरण प्राप्त करना हमेशा आसान नहीं होता था। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के समीप स्थित रतन टाटा लाइब्रेरी में उन्हें एकाग्रता और अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलता था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रीडिंग रूम प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईएएस, आईपीएस और अन्य सेवाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं और यह नया रीडिंग रूम भी अनेक युवाओं के सपनों को साकार करने में सहायक बनेगा।
अध्यक्ष ने सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सामाजिक सेवा कार्यों की भी सराहना की, विशेषकर कोविड –19 के दौरान संगठन द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में स्वयंसेवकों ने महीनों तक जरूरतमंद लोगों तक राशन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई। उन्होंने कहा कि यह सेवा भावना समाज को मजबूत बनाने की सच्ची प्रेरणा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

