समर एक्शन प्लान 2026–27 का शुभारंभ, मंत्री ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म भी किए लॉन्च
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। दिल्ली की जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली जल बोर्ड ऑडिटोरियम में समर एक्शन प्लान 2026–27 का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर चैटबॉट, एडवांस सीआरएम सिस्टम और डीजेबी 1916 मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए।
मंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर स्तर पर संवेदनशीलता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब एक नागरिक अपने घर में पानी का नल खोलता है, तो वह केवल पानी नहीं देखता, वह सरकार की नीयत और सिस्टम की क्षमता को महसूस करता है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि हर घर तक साफ पानी पहुंचे और किसी भी क्षेत्र को यह महसूस न हो कि उसके साथ भेदभाव हो रहा है। संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हमारी नीयत और मेहनत सीमित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि समर एक्शन प्लान के तहत इस बार दिल्ली में लगभग 1002 एमजीडी जल उत्पादन बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रमुख वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और कच्चे पानी की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की बाधा से बचा जा सके। पुराने पंपों और मशीनरी को अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति और अधिक स्थिर और प्रभावी बने।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली के उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है जहां पानी की कमी अधिक महसूस होती है। ट्यूबवेल नेटवर्क का विस्तार करते हुए बड़ी संख्या में नए ट्यूबवेल जोड़े जा रहे हैं ताकि स्थानीय स्तर पर जल उपलब्धता बढ़े और लोगों को राहत मिले। साथ ही जल वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए जलाशयों की सफाई, मेंटेनेंस और लीकेज पर सख्त नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं।
टैंकर व्यवस्था को लेकर भी इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मंत्री ने साफ कहा कि टैंकर कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन जब तक जरूरत है, इसे पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।
जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि साफ पानी केवल एक वादा नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है। दिल्ली में रोजाना हजारों सैंपल की जांच की जा रही है। मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि लोगों तक सुरक्षित पानी पहुंचे। अनधिकृत कॉलोनियों में भी तेजी से काम हुआ है और अधिकांश क्षेत्रों में पाइपलाइन पहुंच चुकी है।
यमुना की सफाई और सीवर प्रबंधन को लेकर मंत्री ने विशेष रूप से गंभीरता जताई। उन्होंने कहा कि अगर सीवर का पानी बिना ट्रीटमेंट के यमुना में जा रहा है, तो यह केवल तकनीकी समस्या नहीं है, यह हमारी जिम्मेदारी में कमी है। हमें इसे हर हाल में रोकना होगा। यमुना को साफ करना केवल एक परियोजना नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जो गलती पहले हुई, वह अब दोहराई न जाए।
डिजिटल बदलाव को इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए मंत्री ने कहा कि अब नागरिक केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि पहले सिस्टम धीमा था, जानकारी सीमित थी और जवाबदेही स्पष्ट नहीं थी। अब तकनीक के माध्यम से हर शिकायत ट्रैक होगी। हर समस्या का रिकॉर्ड रहेगा। हर अधिकारी जिम्मेदार होगा। नागरिक अपने मोबाइल से ही देख पाएंगे कि उनकी शिकायत कहां तक पहुंची और कब हल होगी। यही असली पारदर्शिता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 50 साल के विजन पर भी काम शुरू कर दिया है, जिसमें जल क्षमता बढ़ाने, हर कॉलोनी में ट्रीटमेंट सिस्टम विकसित करने और पानी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। दिल्ली के बढ़ते विस्तार को देखते हुए नई हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना भी इसी के अनुरूप तैयार की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

