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शाहबाद डेरी में इनामी बदमाश से मुठभेड़, चाकू से हमले में दो पुलिसकर्मी घायल

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शाहबाद डेरी में इनामी बदमाश से मुठभेड़, चाकू से हमले में दो पुलिसकर्मी घायल


नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। बाहरी जिले के शाहबाद डेरी थाना क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के जवानों ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक बड़े अपराध को टाल दिया। चाकू और देसी पिस्तौल से लैस एक आदतन अपराधी को पकड़ने के दौरान हेड कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और जान जोखिम में डालकर आरोपी को काबू कर लिया।

पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने साेमवार काे प्रेस वार्ता कर बताया कि 17 जनवरी की शाम करीब 9 बजे हेड कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल नीरज गुप्ता कॉलोनी के पास नियमित पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि इलाके का कुख्यात अपराधी रवि उर्फ पंची हथियार के साथ घूम रहा है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दोनों पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए संदिग्ध की तलाश में निकल पड़े। पुलिस को देखते ही आरोपित भागने लगा। दोनों जवानों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया। खुद को घिरता देख आरोपित ने जान से मारने की नीयत से चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में हेड कांस्टेबल कुलदीप को पीठ के ऊपरी हिस्से और बगल (कांख) के पास दो गहरे चाकू के घाव लगे। वहीं कांस्टेबल नीरज पर कमर की ओर तीन बार चाकू से वार किया गया, जिनमें से दो वार उनकी वर्दी की बेल्ट से टल गए, जबकि एक वार से कूल्हे के पास गंभीर चोट आई। खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दोनों जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपित से भिड़ते हुए उसे दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित के पास एक तेजधार चाकू के अलावा एक लोडेड और कॉक की हुई देसी पिस्तौल (कट्टा) भी थी, जिसे वह निकालने की कोशिश कर रहा था। जवानों की सतर्कता से एक संभावित गोलीबारी और बड़ी वारदात टल गई। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। दोनों अब खतरे से बाहर हैं और अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस संबंध में थाना शाहबाद डेरी में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपित रवि उर्फ पंची (38) के रूप में हुई है। वह शाहबाद डेरी इलाके का घोषित बदमाश भी है। उसके खिलाफ शाहबाद डेरी और समयपुर बादली थानों में लूट, झपटमारी, चोरी, घर में घुसपैठ और आर्म्स एक्ट समेत करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्तमान में वह ई-रिक्शा चालक के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने हेड कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल नीरज की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। उनकी तत्परता और साहस के कारण एक खतरनाक अपराधी पकड़ा गया और इलाके में बड़ी अनहोनी टल गई। दोनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए वीरता पुरस्कार की औपचारिक संस्तुति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी