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दिल्ली विधान सभा की सुरक्षा में रत्ती भर भी चूक स्वीकार्य नहीं : विजेंद्र गुप्ता

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दिल्ली विधान सभा की सुरक्षा में रत्ती भर भी चूक स्वीकार्य नहीं : विजेंद्र गुप्ता


नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधान सभा की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। यह सतर्कता, स्पष्ट जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय पर आधारित होनी चाहिए। सोमवार को हुई घटना के बाद विजेंद्र गुप्ता ने आज अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने विधानसभा परिसर में हुई सुरक्षा चूक को गंभीर बताते हुए कहा कि कम समय में घटी इस घटना ने, जिसमें अध्यक्ष के वाहन सहित आधिकारिक आवाजाही प्रभावित हुई, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता को स्पष्ट किया है।

विजेंद्र गुप्ता ने सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाने, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और परिसर के भीतर अधिक प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नवीन कुमार चौधरी अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली सरकार, अतिरिक्त सचिव, गृह, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें राजा बांठिया, पुलिस उपायुक्त (उत्तर) और ईशा सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर), अभिषेक गुप्ता, पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा), निशांत गुप्ता, पुलिस उपायुक्त (यातायात), नवीन वर्मा, संयुक्त निदेशक, खुफिया ब्यूरो (आईबी); गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अलावा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और अशोक गोयल तथा दिल्ली विधान सभा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

घटनाक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसमें उपलब्ध फुटेज भी शामिल है जो तकनीकी जांच के अधीन है। विधानसभा अध्यक्ष ने आरोपित की पहचान करने और उसे तुरंत गिरफ्तार करने में दिल्ली पुलिस की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की सराहना की।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तैयारी के साथ-साथ जवाबदेही भी जरूरी है। उन्होंने सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के बीच एक एकीकृत कमान (सिंगल पॉइंट ऑफ अथॉरिटी) बनाने पर जोर दिया ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। उन्होंने सभी एजेंसियों को रीयल-टाइम में सूचना साझा करने का निर्देश दिया।

प्रवेश व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सख्त नियंत्रण, बेहतर निगरानी और मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गेट पर दिल्ली पुलिस/सीआरपीएफ के कम से कम दो प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती हो, जिन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय हों ताकि समन्वित सतर्कता बनी रहे।

अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना उचित सुरक्षा जांच और अनुमति के किसी भी वाहन को किसी भी स्थिति में परिसर में प्रवेश न दिया जाए।

विधानसभा परिसर में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए श्री गुप्ता ने एक मोबाइल पेट्रोलिंग वाहन तैनात करने का निर्देश दिया, जो तेजी से घूमकर तुरंत कार्रवाई कर सके और अनधिकृत गतिविधियों को रोक सके। उन्होंने कहा कि केवल स्थिर तैनाती पर्याप्त नहीं है, सुरक्षा में गतिशीलता भी जरूरी है। उन्होंने प्रवेश द्वारों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गेट इतने मजबूत हों कि जबरन प्रवेश को रोक सकें। इसके लिए सभी गेटों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स और अन्य सुदृढ़ीकरण उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए।

सुरक्षा को निरंतर प्रक्रिया बताते हुए विजेंद्र गुप्ता ने नियमित समीक्षा बैठक, सभी अवलोकनों का रिकॉर्ड रखने और समय पर सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी लोगों और वाहनों की पूरी जांच अनिवार्य है।

इसके अलावा संयुक्त निदेशक, खुफिया ब्यूरो नवीन वर्मा ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधान सभा परिसर का मुआयना करने के साथ विस्तृत समीक्षा की और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक मूल्यांकन किया। टीम ने घटनाक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रवेश प्रबंधन और जमीनी प्रतिक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की। इस मूल्यांकन के निष्कर्षों को माननीय अध्यक्ष के समक्ष रखा गया।

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए नियमित मासिक मॉक ड्रिल आयोजित करने के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सक्षम करने के लिए केंद्रीकृत नियंत्रण वाले एकीकृत अलार्म सिस्टम लगाने का सुझाव दिया।

लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने सभी प्रवेश द्वारों पर भौतिक पहुंच नियंत्रण को मजबूत करने के लिए 'कोलेप्सिबल सुरक्षा गेट' लगाने का सुझाव दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव