स्थायी समिति अध्यक्ष ने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर की समीक्षा बैठक
नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को निगम के अतिरिक्त आयुक्तों तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में करुणा मूलक आधार पर संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली नगर निगम में प्रत्येक माह बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे कई पद रिक्त होते जा रहे हैं। वहीं, आवश्यकतानुसार नई भर्तियां अपेक्षित गति से नहीं हो पाने के कारण निगम के कार्यों के निष्पादन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
सत्या शर्मा ने सभी अतिरिक्त आयुक्तों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागों में करुणामूलक आधार पर संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों की विभागवार विस्तृत सूची तैयार की जाए। इस सूची में कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि, पदनाम, सेवा अवधि तथा उनकी वर्तमान स्थिति से संबंधित संपूर्ण जानकारी शामिल की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि यह सूची एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी कहा कि एक सप्ताह बाद इस विषय की प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रस्तुत की गई रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्यवाही पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग यह जानकारी उपलब्ध कराए कि उनके विभाग में कुल स्वीकृत पदों की संख्या कितनी है तथा उनमें से वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं, विशेष रूप से वे पद जिन पर करुणामूलक आधार पर नियुक्ति की संभावना है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नगर निगम के सभी विभागों के लिए डेम्स विभाग की तर्ज पर एक समान एवं एकीकृत नियमितीकरण नीति बनाई जाए, ताकि कर्मचारियों के साथ समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
सत्या शर्मा ने निर्देश दिया कि करुणामूलक नियुक्तियों से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि करुणामूलक नियुक्तियों से संबंधित सभी अभिलेखों और आंकड़ों को अद्यतन रखते हुए डिजिटल रूप में व्यवस्थित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत प्रस्तुत किया जा सके।
सत्या शर्मा ने कहा निगम में लंबे समय से करुणामूलक आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के मामलों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। इस संबंध में सभी विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है, ताकि एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाकर कर्मचारियों के हितों और निगम के कार्यों की कार्यक्षमता दोनों को सुनिश्चित किया जा सके।
स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा की निगम में कार्यरत करुणामूलक आधार के कर्मचारियों ने लंबे समय से अपनी सेवाएं दी हैं। उनके मामलों के पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण के लिए एक स्पष्ट नीति बनाना आवश्यक है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और निगम के कार्यों की कार्यक्षमता भी बेहतर हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

