सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के वोट मामले पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाया कि एसआईआर के दौरान आम लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि राघव चड्ढा के मतदाता पहचान पत्र को लेकर मीडिया में अनावश्यक रूप से हंगामा किया जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले आआपा नेताओं ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर चर्चा की थी। उन्होंने बताया कि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुराने पते पर मतदाता उपलब्ध नहीं होने के कारण उसका वोट 'शिफ्टेड' दिखाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब एक आम व्यक्ति के पते में मामूली बदलाव होने पर उसका फॉर्म रोक दिया जाता है, तो राघव चड्ढा के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं और सरकार उनके वोट को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।
भारद्वाज ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि राघव चड्ढा का दिल्ली में वोट बैकडेट में बनवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत दिल्ली के करीब एक-तिहाई मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की बात सामने आई है, लेकिन मीडिया में राघव चड्ढा के वोट का मुद्दा प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आम लोगों के वोट काटे जाने पर उतनी चर्चा क्यों नहीं हो रही?
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एसआईआर से पहले हुई प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा से जुड़े कई परिवारों के लोग छुट्टियों में अपने गांव या रिश्तेदारों के यहां गए थे, जिसके कारण उनके एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं बनाए गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का वोट केवल इसलिए काटा जा रहा है कि वह कुछ समय के लिए अपने पते पर मौजूद नहीं था, तो यही नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
राघव चड्ढा द्वारा पंजाब में उनके वोट को काटे जाने के आरोप पर भारद्वाज ने कहा कि एसआईआर का मूल उद्देश्य यह पता लगाना है कि मतदाता वास्तव में संबंधित पते पर रहता है या नहीं। उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया कि राघव चड्ढा से यह क्यों नहीं पूछा जा रहा कि वह पंजाब में रहते कहां हैं।
भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी राज्य में नहीं रहता तो वहां उसका मतदाता पंजीकरण क्यों बना रहना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि राघव चड्ढा के वोट से जुड़े विवाद में उनसे केवल वोट काटे जाने का सवाल न पूछा जाए, बल्कि यह भी पूछा जाए कि वह पंजाब में वास्तव में कहां रहते हैं और उनका वहां मतदाता पंजीकरण किस आधार पर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

