1984 के पीड़ित परिवारों को न्याय, सम्मान और सहारा देना दिल्ली सरकार का संकल्प : रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 07 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के आवास पर आयोजित ‘संवाद- 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों के साथ’ कार्यक्रम में भागीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा, संघर्ष और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा से जुड़ी भावनाओं को सुना। उन्होंने कहा कि 1984 की घटनाओं को याद करना आज भी बेहद पीड़ादायक है। पीड़ित परिवारों ने वर्षों तक जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, उनका दर्द शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली जैसे खुशियों के त्योहार के अवसर पर भी इन परिवारों के मन में अपने प्रियजनों को खोने का दर्द उमड़ आता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 में जो हुआ, उसे केवल दंगों की संज्ञा देना उचित नहीं है। यह दो समूहों के बीच संघर्ष नहीं था, बल्कि निर्दोष और बेगुनाह लोगों पर किया गया एकतरफा हमला था। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों द्वारा सुनाई गई घटनाएं अत्यंत हृदयविदारक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 1984 के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए। प्रधानमंत्री जी द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसके माध्यम से उन मामलों की जांच आगे बढ़ी, जिनमें पहले कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनके प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सहारा देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में पीड़ित परिवारों के 150 सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नियमों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नियुक्ति के लिए शिक्षा संबंधी शर्तों में राहत दी गई है और आयु सीमा को भी शिथिल किया गया है। अब परिवार के पात्र सदस्य की उम्र अधिक होने या निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण नियुक्ति में बाधा नहीं आएगी। परिवार अपनी परिस्थितियों के अनुसार उस सदस्य को नौकरी के लिए नामित कर सकता है, जिसे वे उपयुक्त समझते हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के दस्तावेज और मामले स्पष्ट हो रहे हैं, उन्हें लगातार नियुक्ति प्रदान की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष पात्र परिवारों को भी जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को परिवारों ने खोया है, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता। लेकिन उनके परिवारों के जीवन को थोड़ा सरल बनाने, उन्हें सहारा देने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता मिले और कोई भी पात्र परिवार इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी पीड़ित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार उनकी सहायता, सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि पात्र परिवारों को आवश्यक सहयोग मिले और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों को पूरा किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

