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उपराज्यपाल ने की जेजे क्लस्टर पुनर्वास पहलों की समीक्षा, समस्याओं के समाधान का दिया निर्देश

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उपराज्यपाल ने की जेजे क्लस्टर पुनर्वास पहलों की समीक्षा, समस्याओं के समाधान का दिया निर्देश


उपराज्यपाल ने की जेजे क्लस्टर पुनर्वास पहलों की समीक्षा, समस्याओं के समाधान का दिया निर्देश


नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को ‘दिल्ली स्लम एवं जेजे क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026’ के तहत बेहतर आवास और रहने की स्थितियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जेजे क्लस्टर पुनर्वास पहलों की समीक्षा की।

उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सभी के लिए सम्मानजनक आवास' के विजन और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुरूप, यह नीति कट-ऑफ तारीख को एक जनवरी 2025 तक बढ़ाकर कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाती है। इसमें मौजूदा जगह पर पुनर्विकास, जरूरी नागरिक बुनियादी ढांचे और वैकल्पिक आवास को प्राथमिकता दी गई है।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निवासियों के संपर्क में रहने, उनकी चिंताओं को सुनने और समस्याओं का तेजी से समाधान करने के निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि निवासियों को जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना चाहिए। हर परिवार एक सुरक्षित, सम्मानजनक घर और बेहतर जीवन-स्तर का हकदार है। विकसित दिल्ली के निर्माण के दौरान कोई भी पात्र परिवार पीछे नहीं छूटना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जून में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 36वीं बोर्ड बैठक में झुग्गी पुनर्वास को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में तय किया गया कि दिल्ली में 1 जनवरी 2025 तक स्थापित सभी पात्र झुग्गी बस्तियों के निवासियों को पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा। राजधानी की जेजे बस्तियों में रहने वाले लगभग 4 से 5 लाख परिवारों यानी करीब 20 लाख लोगों के लिए पक्के और सम्मानजनक आवास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

लंबे समय से पुरानी पात्रता तिथि के कारण बड़ी संख्या में परिवार पुनर्वास के लाभ से वंचित रह जाते थे। नई कट-ऑफ तिथि तय होने से अब अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इसका लाभ मिल सकेगा। इन कॉलोनियों में आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, बच्चों के खेलने के मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नई नीति में पारिवारिक विस्तार की वास्तविक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव