रेखा गुप्ता ने निगम की विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें बेहतर दिल्ली बनाने का दिया मंत्र
नई दिल्ली, 04 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश की राजधानी को ‘विकसित दिल्ली’ के रूप में आगे ले जाने में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजधानी के बुनियादी विकास, स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण और पर्यावरण सुधार के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में निगम को प्रभावी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप सभी निगम पदाधिकारियों का सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि दिल्ली देश के सामने विकास, स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरे।
रेखा गुप्ता ने यह विचार शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में दिल्ली नगर निगम की विशेष एवं तदर्थ समितियों के नवनियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से मुलाकात में व्यक्ति की। उन्होंने निगम नेताओं को बेहतर दिल्ली बनाने का मंत्र भी प्रेषित किया। निगम की ओर से बैठक का नेतृत्व महापौर प्रवेश वाही ने किया।
इस अवसर पर उप महापौर मोनिका पंत और निगम के नेता सदन जयभगवान यादव सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निगम पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा उनसे राजधानी को स्वच्छ, सुंदर, स्वस्थ और विकसित बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली को कूड़ा-मुक्त बनाने के लिए निगम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी की स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सीधे दिल्ली की छवि से जुड़ी है। दिल्ली को ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना होगा, जहां कूड़े के प्रभावी निस्तारण के साथ सार्वजनिक स्थान स्वच्छ रहें और नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि दिल्ली को कूड़ा-मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को प्रभावी और निरंतर प्रयास करने होंगे। स्वच्छ दिल्ली केवल सफाई व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन, स्वस्थ वातावरण और विकसित शहर की पहचान भी है। उन्होंने पर्यावरण प्रबंधन में भी निगम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजधानी के पर्यावरण में सुधार के लिए निगम को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने निगम नेताओं से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराना दिल्ली के भविष्य को मजबूत करने की बुनियादी जरूरत है। नगर निगम के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा बच्चों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। निगम को चिकित्सा और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी काम करके दिखाना होगा, जिससे लोगों का निगम की सेवाओं पर विश्वास और मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निगम की कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव दिल्ली के नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। इसलिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में परिणाम देने वाली कार्यप्रणाली विकसित करना जरूरी है। उन्होंने निगम पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि नगर निगम को अब किसी भी प्रकार की वित्तीय परेशानी से नहीं गुजरना होगा। उन्होंने निगम पदाधिकारियों से कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास और जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दिल्ली में डबल इंजन की सरकार के माध्यम से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर समन्वय का लाभ राजधानी के विकास को मिलना चाहिए। वित्तीय संसाधनों की चिंता से मुक्त होकर निगम को अपने दायित्वों और विकास कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री से शिक्षा समिति, पर्यावरण प्रबंधन सेवा समिति, चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य समिति, सामुदायिक सेवा समिति, महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति, वर्क्स समिति, बागवानी समिति, आश्वासन समिति, लाइसेंसिंग एवं तहबाजारी समिति और संपत्ति कर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित अन्य समितियों के पदाधिकारी ने मुलाकात की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

