डीएसएस कैडर के 111 अधिकारियों की पदोन्नति और नई तैनातियों के आदेश जारी
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी शासन और जनसेवा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सर्विस विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत दिल्ली सरकार के डीएसएस कैडर के 111 अधिकारियों को पदोन्नत करते हुए नई तैनातियों के आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि अधिकारियों को दी गई यह नई जिम्मेदारी स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में जनसेवा के कार्यों को गति प्रदान करेगी। दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रेड-1 के ये अधिकारी पदोन्नति के अभाव में लंबे समय से करियर में ठहराव (स्टेगनेशन) की समस्या का सामना कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को पदोन्नत कर उन्हें नई जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस निर्णय के अनुसार शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में अधिकारियों को उप निदेशक (डीएसएस) के पद पर तैनात किया गया है, जिससे स्कूली शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों (लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल) में उप चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य निदेशालय में उप निदेशक के पदों पर अधिकारियों की पदोन्नति व तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पदोन्नत अधिकारियों को राजस्व एवं व्यापार-कर विभाग के विभिन्न उप-मंडलों में नए एसडीएम (मुख्यालय) व व्यापार एवं कर विभाग (डीटीएंडटी) में सहायक आयुक्त के रूप में अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। साथ ही उपराज्यपाल सचिवालय व अन्य विभाग उप सचिव के पदों पर पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ कानून एवं न्याय विभाग तथा सतर्कता निदेशालय में भी तैनाती की गई हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह कदम नागरिक सेवाओं को अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में अत्यंत सार्थक साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पदोन्नति दिल्ली सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत वह अपने कर्मचारियों के करियर को आगे बढ़ाने और उनकी सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योग्य और अनुभवी अधिकारियों को उनका उचित सम्मान और पदोन्नति मिले। यह निर्णय डीएएसएस कैडर में वर्षों से चली आ रही रुकावट को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएएसएस के ग्रेड-1 अधिकारी लंबे समय से करियर में ठहराव (स्टेगनेशन) की समस्या का सामना कर रहे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत यह पदोन्नति संभव हो पाई है। इस आदेश के तहत विभिन्न विभागों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, और एलजी सचिवालय के अधिकारियों को उनके नए पदों पर तैनात किया गया है, जिनमें उप निदेशक, उप सचिव, और उप चिकित्सा अधीक्षक जैसे पद शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

