(लीड ) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से होगा फ्लाईओवरों के नीचे के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण
नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से शहरी सार्वजनिक स्थलों के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सोमवार को दिल्ली सरकार (पीडब्ल्यूडी) और दो कंपनियों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य फ्लाईओवरों के नीचे और उनके आसपास मौजूद ऐसे स्थानों को, जो वर्तमान में उपेक्षित अथवा कम उपयोग में हैं, स्वच्छ, हरित, सुरक्षित और नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थलों में परिवर्तित करना है।
इसके तहत स्वच्छता, हरियाली, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, पैदल आवागमन और पर्यावरण जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञप्ति के मुताबिक, पहली कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन की पहल के तहत दीपाली से मंगोलपुरी मार्केट तक ढाई किलोमीटर (फ्लाईओवर का निचला क्षेत्र) के उपेक्षित स्थानों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित सामुदायिक स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना के तहत फ्लाईओवर की लगभग ढाई किलोमीटर लंबी पट्टी में फेंसिंग की जाएगी। फ्लाईओवर के 61 पिलर्स पर लगभग 5,100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल म्यूरल पेंटिंग और पर्यावरण एवं स्वच्छ ऊर्जा आधारित कलाकृतियां बनाई जाएंगी। यहां स्थानीय प्रजातियों के पौधों, घास, झाड़ियों और फूलदार पौधों के माध्यम से व्यवस्थित हरियाली विकसित की जाएगी।
इसके अलावा कनोडिया ग्रुप द्वारा सीएसआर पहल के तहत मथुरा रोड और एमपी मार्ग के आसपास के करीब दो एकड़ की ग्रीन बेल्ट के विकास व दीर्घकालिक रखरखाव की पहल की जाएगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों में कचरा डंपिंग, अवैध झुग्गियां, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित उपयोग जैसी समस्याओं के कारण हरियाली, स्वच्छता, सुरक्षा और क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है। इन ग्रीन बेल्ट को स्थानीय प्रजातियों के पौधों, व्यवस्थित लैंडस्केपिंग और बेहतर रखरखाव के माध्यम से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित विकास में व्यवस्थित हरित क्षेत्र, फूलदार पौधे, झाड़ियां, पेड़-पौधे, पैदल मार्ग, लाइट व्यवस्था और आकर्षक सार्वजनिक स्थलों का निर्माण शामिल है। इससे क्षेत्र की हरियाली और सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर और अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ, हरित और सुंदर दिल्ली का निर्माण सरकार के साथ-साथ समाज और निजी क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है। दिल्ली सरकार ऐसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को प्रोत्साहित कर रही है, जिनके माध्यम से शहर के उपेक्षित स्थानों को नागरिकों के लिए बेहतर, सुरक्षित, आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक स्थलों में बदला जा सके। दिल्ली के विकास का लक्ष्य केवल नई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं तैयार करना नहीं, बल्कि मौजूदा शहरी स्थानों का बेहतर उपयोग करते हुए नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना भी है। फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों और प्रमुख मार्गों की ग्रीन बेल्ट का कायाकल्प इसी सोच का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से दिल्ली के प्रमुख कॉरिडोर की सुंदरता और पहचान बेहतर होगी, हरियाली बढ़ेगी, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होंगे। साथ ही निजी क्षेत्र की सीएसआर भागीदारी से इन परिसरों के दीर्घकालिक रखरखाव को भी मजबूती मिलेगी। दिल्ली सरकार आने वाले समय में भी सरकारी संस्थाओं, निजी क्षेत्र और नागरिकों की जनभागीदारी के साथ ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने शुरुआत से ही निर्देश दिए थे कि दिल्ली के फ्लाईओवरों के आसपास और सड़कों के किनारे स्थित क्षेत्रों का समुचित सौंदर्यीकरण एवं विकास किया जाए। उन्होंने इस पहल में आगे आकर जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए दोनों पार्टनर संस्थानों का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी भागीदारी से इस कार्य को गति मिलेगी। दिल्ली को बेहतर बनाने में योगदान देने वाले प्रत्येक प्रयास को सरकार प्रोत्साहित करेगी और ऐसे कार्यों को जनभागीदारी की एक सकारात्मक मिसाल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

