लीड्स यूनिवर्सिटी और आईआईटी खड़गपुर में अंतः विषयक अनुसंधान व शैक्षणिक सहयोग को लेकर हुआ समझौता
नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। लीड्स यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने आज अंतः विषयक अनुसंधान, शैक्षणिक सहयोग और नवाचार पर केंद्रित एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने के लिए दिल्ली स्थित ऑस्ट्रेलिया एंबेसी में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य अनुसंधान, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से समाज, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना है। यह जानकारी एक विज्ञप्ति के जरिए दी गई है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, इस सहयोग के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से वित्तपोषित एक सीड फंड स्थापित करेंगे, जिसे प्रत्येक संस्थान द्वारा अधिकतम 50,000 अमेरिकी डॉलर तक के समान योगदान से समर्थन दिया जाएगा। यह कोष शोधकर्ताओं को पायलट परियोजनाओं पर कार्य करने, नवाचारी विचारों का परीक्षण करने और बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण अवसरों के लिए प्रस्ताव विकसित करने में सक्षम बनाएगा। लीड्स यूनिवर्सिटी ने पहले ही अपनी ओर से निर्धारित योगदान आवंटित कर उसका उपयोग साझेदारी के अंतर्गत सहयोगात्मक गतिविधियों के प्रारंभिक चरण को समर्थन देने के लिए कर लिया है, जबकि आईआईटी खड़गपुर ने चालू वर्ष के लिए अपना योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह एमओयू अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है। दोनों संस्थान संयुक्त स्नातक, स्नातकोत्तर और अनुसंधान-आधारित शिक्षण पहलों के विकास के अवसर तलाशेंगे, जिससे छात्रों और शोधकर्ताओं को विविध शैक्षणिक दृष्टिकोणों तथा अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अनुभवों तक पहुंच प्राप्त होगी।
लीड्स यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीयकरण के निदेशक प्रो. वासिलिस सारहोसिस ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए एक उत्साहजनक नया कदम है और यह दर्शाती है कि दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना मूल्यवान है। अपनी-अपनी विशेषज्ञताओं को एक साथ लाकर हम विश्वस्तरीय अनुसंधान को आगे बढ़ा सकते हैं, प्रतिभाशाली छात्रों का समर्थन कर सकते हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वास्तविक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। हम आईआईटी खड़गपुर के साथ एक गतिशील और दीर्घकालिक संबंध विकसित करने की आशा करते हैं, जो ज्ञान को आगे बढ़ाएगा, नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और यूके तथा भारत दोनों की शैक्षणिक समुदायों के लिए नए अवसर सृजित करेगा।
आईआईटी खड़गपुर के डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध), प्रो. आनंदरूप भट्टाचार्य ने कहा कि आईआईटी खड़गपुर हमेशा से मानता रहा है कि वैश्विक साझेदारियां अनुसंधान उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और परिवर्तनकारी शैक्षणिक अवसरों के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। लीड्स यूनिवर्सिटी के साथ यह सहयोग हमारी पूरक क्षमताओं और साझा महत्वाकांक्षाओं को एक साथ लाता है, जिससे हमें प्रभावशाली अनुसंधान करने, प्रतिभाओं को विकसित करने और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। इस साझेदारी के माध्यम से हम नए ज्ञान का सृजन करने और ऐसे समाधान विकसित करने की आशा करते हैं, जो सामाजिक और आर्थिक प्रगति में योगदान दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

