मंत्री कपिल मिश्रा ने देखी फिल्म ‘धुरंधर-2’, बोले -जवानों का योगदान हमेशा सर्वोपरि
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (आईएफएफडी) के तहत आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में दिल्लीवासियों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ फिल्म ‘धुरंधर – द रिवेंज’ (धुरंधर-2) देखी।
इस अवसर पर कपिल मिश्रा ने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा में तैनात हर जवान भारत का सच्चा हीरो है और उनका योगदान हमेशा सर्वोपरि रहेगा। उरी, शेरशाह और धुरंधर जैसी फिल्में ऐसे योगदान के बारे में बताती हैं। ऐसी फिल्में देशभक्ति की भावना को सशक्त करती हैं और युवाओं को प्रेरित करती हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और देश की रक्षा क्षमताएं लगातार मजबूत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आईएफएफडी बेहद शानदार पहल है। पहली बार दिल्ली में इस स्तर का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया गया है और यह अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है। पूरे देश से फिल्म इंडस्ट्री के कलाकार, एक्सपर्ट्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स यहां आए हैं, जिससे दिल्ली के युवाओं को नया अनुभव और सीखने का अवसर मिला है।
कपिल मिश्रा ने कहा कि फेस्टिवल में मास्टर क्लासेस, वर्कशॉप्स और इंटरैक्टिव सेशंस के जरिए युवाओं को इंडस्ट्री के दिग्गजों से सीधे जुड़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार की खास बात है चर्चित फिल्म ‘धुरंधर-2’ की विशेष स्क्रीनिंग के बाद अब भारत मंडपम में ‘शतक’ की स्क्रीनिंग भी आयोजित की जाएगी।
कपिल मिश्रा ने कहा कि फेस्टिवल में दुनिया भर से लगभग 140 फिल्मों की स्क्रीनिंग की जा रही है, जिसमें भारत के हर क्षेत्र और हर भाषा की फिल्मों को शामिल किया गया है। यह भारतीय सिनेमा की विविधता और वैश्विक सिनेमा के संगम का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली के कलाकारों चाहे वे एक्टर्स हों, कैमरा प्रोफेशनल्स, एनीमेशन, एआई, एवीजीसी या स्क्रिप्ट राइटिंग से जुड़े लोग, सभी के लिए यह एक बड़ा अवसर है। अब उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए केवल मुंबई पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
कपिल मिश्रा ने कहा कि सरकार और प्रसार भारती के बीच साइन हुआ एमओयू इस दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे दिल्ली में क्रिएटिव इंडस्ट्री को और मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय प्रतिभाओं को यहीं बेहतर प्लेटफॉर्म और अवसर प्राप्त होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

