स्थायी समिति के कार्यकाल को लेकर आरोप निराधार: महापौर
नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आआपा) के स्थायी समिति के कार्यकाल के संबंध में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि आआपा जिसने दिल्ली नगर निगम की सत्ता में रहते हुए स्थायी समिति का गठन तक नहीं किया था, आज जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
महापौर ने कहा कि आआपा के शासनकाल में स्थायी समिति का गठन न होने के कारण अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य बाधित हुए। अब वही पार्टी स्थायी समिति के भंग होने की अफवाह फैलाकर जनता में भ्रम पैदा कर रही है, जो पूरी तरह तथ्यहीन है। महापौर ने स्पष्ट किया कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 45(3) के अनुसार एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर स्थायी समिति के 50 प्रतिशत सदस्य पद से निवृत्त हो जाते हैं। स्थायी समिति में कुल 18 सदस्य होते हैं, जिनमें से प्रत्येक वर्ष 9 सदस्य नियमानुसार पद से निवृत्त होते हैं।
उन्होंने बताया कि धारा 45(3) के प्रावधानों के तहत पद निवृत्त हुए 9 सदस्यों में से 3 सदस्यों का पुनर्निर्वाचन सदन में महापौर चुनाव के समय किया जाएगा, जबकि शेष 6 सदस्यों का चयन वार्ड समितियों के चुनाव के दौरान किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत एवं पारदर्शी है।
महापौर ने कहा कि एक वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यों का पद निवृत्त होना एक नियमित एवं संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थायी समिति न तो भंग हुई है और न ही उसके कार्यों में कोई बाधा आई है। स्थायी समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में समिति सुचारू रूप से कार्य कर रही है और निगम से संबंधित सभी कार्य नियमानुसार और प्रभावी ढंग से संपादित किए जा रहे हैं।
महापौर ने आआपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में निगम की संस्थाओं को कमजोर किया, वही आज संस्थागत प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आआपा जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि आआपा की राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम फैलाने तक सीमित रह गई है, जबकि वर्तमान निगम प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास के एजेंडे पर कार्य कर रहा है। महापौर ने कहा कि नगर निगम जनहित के कार्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

