एमसीडी, डीपीसीसी और पर्यावरण विभाग ने मनाया स्वच्छ वायु दिवस
नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने संयुक्त रूप से सोमवार को ‘नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु का अंतरराष्ट्रीय दिवस’ यानी स्वच्छ वायु दिवस मनाया। कार्यक्रम का आयोजन सुभाष नगर स्थित एमसीडी पश्चिमी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित करना रहा। इस वर्ष कार्यक्रम में विशेष रूप से निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करने और बायोमास जलाने के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में वार्ड समिति के अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय, एमसीडी पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री, डीपीसीसी के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता संजय वत्स, डब्ल्यूआरआई इंडिया के क्लीन एयर प्रोग्राम के कार्यक्रम प्रबंधक संजर अली और पर्यावरण विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रंजना शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। एमसीडी के मेंटेनेंस, भवन एवं डीईएमएस विभागों के अभियंताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
स्थानीय बिल्डरों, वास्तुकारों और सफाई कर्मचारियों की सहभागिता ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियों और सामुदायिक हितधारकों के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ शहरी जैव-विविधता के संरक्षण को प्रोत्साहित करना था। इस दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर हरीश ओबेरॉय ने कहा कि अपने आसपास की हवा को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण को मजबूत करने और बायोमास जलाने में कमी लाने से लोगों के स्वास्थ्य और दिल्ली के भविष्य की रक्षा की जा सकती है। उन्होंने स्वच्छ हवा के लिए सामूहिक रूप से प्रभावी कदम उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार, उद्योग, स्थानीय समुदायों और नागरिकों को निरंतर मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु दिवस का आयोजन स्वच्छ हवा और स्वस्थ एवं हरित दिल्ली के निर्माण के लिए सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी का संदेश देता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने निर्माण एवं विध्वंस स्थलों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से धूल उत्सर्जन को नियंत्रित करने और बायोमास जलाने के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बायोमास जलाना मौसमी वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। साथ ही जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सतत शहरी विकास तथा स्वच्छ वायु से जुड़े नियमों का प्रभावी एवं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

