चरती लाल गोयल की 99वीं जयंती पर नेताओं ने किया नमन, जनसेवा को किया याद
नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय चरती लाल गोयल की 99वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, महापौर प्रवेश वाही, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके सार्वजनिक जीवन को याद किया।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘चरती लाल गोयल हेरिटेज पार्क’ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर कहा कि आपातकाल के दौरान चरती लाल गोयल ने 19 महीने जेल की यातना सहन की। उन्होंने निष्पक्षता और दृढ़ सिद्धांतों के साथ दिल्ली विधानसभा की संसदीय परंपराओं को मजबूत आधार दिया। गिरिराज सिंह ने कहा कि जनसेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा को समर्पित उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चरती लाल गोयल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी, शुचिता, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण ने एक आदर्श स्थापित किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोकतांत्रिक जीवन और जनसेवा की परंपरा में चरती लाल गोयल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रथम अध्यक्ष के रूप में चरती लाल गोयल ने सदन की कार्यवाही को गरिमा और मर्यादा के साथ संचालित किया तथा दिल्ली विधानसभा की संसदीय परंपराओं को मजबूत आधार प्रदान किया। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली और सदन संचालन का अनुभव आज भी प्रेरणा देता है।
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने चरती लाल गोयल को कुशल राजनेता और निर्भीक जनसेवी बताते हुए उनके सार्वजनिक जीवन में दिल्ली के विकास के लिए किए गए योगदान को याद किया।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने उन्हें सरलता और सादगी का प्रतीक बताते हुए कहा कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित में किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के संगठन को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में चरती लाल गोयल का योगदान अविस्मरणीय रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित, जनसेवा और संगठन के प्रति गोयल की निष्ठा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

