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पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना का शुभारंभ

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पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना का शुभारंभ


नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को पश्चिमी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में ‘डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अत्याधुनिक तकनीक से लैस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सफाईकर्मियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने स्वच्छ और सुंदर दिल्ली के निर्माण में सफाईकर्मियों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके साथ सहभोज भी किया।

इस अवसर पर दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, निगमायुक्त संजीव खिरवार मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि एक आधुनिक, तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। यह नई व्यवस्था घर-घर से कचरा संग्रहण को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाएगी तथा स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि पहले नगर निगम के समक्ष पर्याप्त संसाधनों और आधुनिक उपकरणों का अभाव था। कचरा संग्रहण वाहनों की कमी, जर्जर ढलाव और सीमित मशीनरी के कारण स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब इन कमियों को दूर करते हुए आधुनिक कम्पैक्टर युक्त ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं बल्कि देखने में भी आकर्षक हैं। यह व्यवस्था केवल पश्चिमी दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली में लागू की जाएगी।

यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली नगर निगम के 25 वार्डों के लगभग 4.50 लाख परिवारों को कवर करेगी। इसकी शुरुआत पहले चरण में 6 वार्डों से हो गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त 2026 तक जोड़ा जाएगा। स्वच्छता व्यवस्था के लिए 917 अत्याधुनिक वाहनों और आधुनिक कचरा संग्रहण संसाधनों की तैनाती की गई है, जिससे हर घर से समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित होगा। इसमें संकरी गलियों तक आसान पहुंच के लिए 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिपर, 52 कॉम्पैक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407, 10 डम्पर, 6 बिन वॉशर, 123 एफसीटीएस बिन और 1,300 लीटर क्षमता वाले 1.1 सीबीएम बिन शामिल हैं। इन अत्याधुनिक संसाधनों के माध्यम से प्रत्येक घर से शत-प्रतिशत, समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।

मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना स्वच्छता व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के माध्यम से घर-घर से समयबद्ध कचरा संग्रहण, आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब घरों से कचरा केवल एक बार नहीं, बल्कि सुबह और शाम, दिन में दो बार उठाया जाएगा। आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों और निगम की उन्नत व्यवस्था के माध्यम से राजधानी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने का कार्य भी अभूतपूर्व गति से चल रहा है। वर्षों से राजधानी पर बोझ बने इन लैंडफिल स्थलों में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में फैले कूड़े के पहाड़ों में से 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र को कूड़ा मुक्त किया जा चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव