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जंतर-मंतर पर पूरी रात डटे रहे छात्र, आज कई नेताओं के पहुंचने के आसार, 20 जुलाई के संसद मार्च की तैयारी तेज

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नई दिल्ली, 19 जुलाई (हि.स.)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में चल रहा छात्रों का आंदोलन रविवार को भी जारी है। जंतर-मंतर पर आज कई राजनीतिक नेताओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

इस बीच आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर घोषणा की कि वह रविवार दोपहर बाद जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन करना देश के युवाओं और भविष्य का समर्थन है। सिसोदिया ने लिखा कि पेपर लीक केवल छात्रों का नहीं, बल्कि हर उस परिवार का दर्द है जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना देखता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

उधर, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर पुलिस की तैयारियों पर सवाल उठाए। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, क्या सुरक्षा बल कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं? हम एकजुट हैं। इसके बाद धरना स्थल पर पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

इसी बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अस्पताल ने उन्हें बताया था कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है, जिसे चिंताजनक बताया गया, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में केवल पोटैशियम कम है लिखकर वास्तविक आंकड़ा छिपाया गया। उनका कहना है कि काफी आग्रह के बाद स्वतंत्र लैब से कराई गई जांच में पोटैशियम स्तर 3.5 पाया गया, जो सामान्य सीमा में था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने वांगचुक को डिस्चार्ज करने या किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दी।

उनके मुताबिक अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिससे परिवार की आवाजाही भी सीमित हो गई है। उन्होंने इस पूरे मामले को गैर-कानूनी हिरासत बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की है।

वहीं, सोनम वांगचुक की ओर से भी एक संदेश जारी किया गया है। इसमें 20 जुलाई को आज़ादी का दूसरा आंदोलन- भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत बताते हुए संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की गई है। संदेश में पेपर लीक जैसे अन्याय और अपनी कथित अवैध हिरासत से मुक्ति की बात कही गई है। जंतर-मंतर पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है। आंदोलनकारी 20 जुलाई के संसद मार्च की तैयारियों में जुटे हैं, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है। आगे प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी