home page

शालीमार बाग में ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ पायलट प्रोजेक्ट का किया उच्च-स्तरीय निरीक्षण

 | 
शालीमार बाग में ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ पायलट प्रोजेक्ट का किया उच्च-स्तरीय निरीक्षण


नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली में गर्मी और हीटवेव के प्रभावों से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बुधवार को शालीमार बाग स्थित बीटी ब्लॉक के सर्वोदय बाल विद्यालय में ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ पायलट का उच्च-स्तरीय निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का आयोजन जिला प्रशासन, मध्य-उत्तर जिला, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और जीआईजेड इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान विद्यालय में विकसित किए गए ऐसे व्यावहारिक और विस्तार योग्य उपायों का अवलोकन किया गया, जिनका उद्देश्य अत्यधिक गर्मी के दौरान विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हीट स्मार्ट स्कूल’ पायलट से जुड़े सभी विभागों और साझेदार संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बदलते जलवायु परिदृश्य में ऐसे नवाचारी प्रयास समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल राजधानी के अधिक विद्यालयों तक पहुंचेगा और सुरक्षित एवं जलवायु-अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उच्च-स्तरीय दौरे में एनडीएमए के सदस्य सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णा एस. वत्स, मध्य-उत्तर जिला के जिलाधिकारी (डीएम) शैलेंद्र सिंह परिहार, जर्मन दूतावास के आर्थिक सहयोग एवं विकास प्रभाग के द्वितीय सचिव जोहानेस श्नाइडर, जीआईजेड इंडिया की निदेशक डॉ. रचना अरोड़ा, परियोजना प्रबंधक मेघना क्षीरसागर, एडआरए इंडिया के कंट्री डायरेक्टर संतोष श्रीकांत पत्तार, सर्वोदय बाल विद्यालय के प्रधानाचार्य विक्रम यादव सहित दिल्ली सरकार, जीआईजेड इंडिया, एडीआरए इंडिया और अन्य साझेदार संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए कूल रूफ, छायादार गलियारों एवं प्रतीक्षा क्षेत्रों, बेहतर पेयजल सुविधाओं, विद्यार्थियों द्वारा संचालित जागरूकता गतिविधियों, हीट सुरक्षा संबंधी सूचना प्रदर्शन तथा बच्चों में गर्मी के तनाव को कम करने और सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई सहभागितापूर्ण शैक्षिक गतिविधियों का अवलोकन किया।

इस अवसर पर डीएम शैलेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लागू किए गए दिल्ली हीट एक्शन प्लान का प्रभावी विस्तार है। यह योजना नीतिगत सोच को विद्यालय स्तर पर व्यवहारिक उपायों में परिवर्तित करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जलवायु-अनुकूल शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को प्रभावी ढंग से समुदायों तक पहुंचाने में जिला प्रशासन समन्वय, स्थानीय नवाचार और बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से अहम भूमिका निभा रहा है।

एनडीएमए के सदस्य सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णा एस वत्स ने कहा कि हीटवेव आज भारत के सामने सबसे तेजी से बढ़ते जलवायु-जनित खतरों में से एक है। विद्यालयों सहित सार्वजनिक अवसंरचना में संरचनात्मक सुधार, पूर्व तैयारी और व्यवहारगत जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए जलवायु अनुकूलन को संस्थागत रूप देना आवश्यक है। उनके अनुसार हीट स्मार्ट स्कूल न केवल बच्चों को सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समुदाय में जलवायु अनुकूलन के संदेशवाहक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

डॉ. वत्स ने भारत सरकार, दिल्ली सरकार, जीआईजेड इंडिया, जर्मन दूतावास और एडीआरए इंडिया के बीच हुए प्रभावी सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल सरल, किफायती, विस्तार योग्य और देशभर में अपनाए जाने योग्य होना चाहिए, ताकि अधिकाधिक विद्यालय इससे लाभान्वित हो सकें।

इनक्रिस परियोजना नीति परामर्श, संस्थागत क्षमता निर्माण, डिजिटल निर्णय-सहायता प्रणालियों, नवाचारी जलवायु जोखिम वित्तपोषण समाधान तथा पायलट परियोजनाओं के माध्यम से एकीकृत हीटवेव प्रबंधन को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण अवसंरचना और संवेदनशील समुदायों की जलवायु अनुकूलन क्षमता को मजबूत करना है।

--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव