‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की थीम पर सजेगा गणेश महोत्सव का पंडाल
नई दिल्ली, 12 सितंबर (हि.स.)। राजधानी में गणपति उत्सव की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। गणपति महोत्सव को लेकर आयोजक कई नई आकर्षक चीजें लेकर आ रहे हैं। लक्ष्मी नगर स्थित श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि.) इस बारे भव्य आयोजन के साथ 12 ज्योर्तिलिंग के दर्शन कराने वाले हैं। 14 से 25 सितंबर तक लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एनक्लेव में आयोजित होने वाले गणपति उत्सव की थीम “विघ्नहर्ता से विकासकर्ता—25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प” रखी गई है।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष महेन्द्र लड्डा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि संस्था पिछले 25 वर्षों से लक्ष्मी नगर में ‘दिल्ली का महाराजा’ के नाम से गणेश महोत्सव का आयोजन करती आ रही है। यह साल हमारे गणपति बप्पा दिल्ली का महाराजा का 25वां गणेश महोत्सव है जिसे हम खास एवं यादगार बनाना चाहते हैं l सिल्वर जुबली वर्ष को विशेष बनाने के लिए इस बार भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिक एवं आत्मनिर्भर भारत तक की विकास यात्रा को गणेश महोत्सव की थीम से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की विशेष अवधारणा के तहत दिल्ली का महाराजा गणपति के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल एवं सेमीकंडक्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। यह प्रस्तुति आध्यात्मिक आस्था के साथ भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी एवं रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगी। उत्सव स्थल पर गणपति बप्पा दिल्ली के महाराजा के भव्य मंगल मूर्ति के साथ इस बार मंच पर विठ्ठल भगवान की 6 फुट की मूर्ति, रुक्मिणी माता की 5 फुट की मूर्ति एवं संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम एवं खाटू श्याम महाराज की मूर्ति भी खास होगी l
महोत्सव स्थल का पंडाल द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य थीम पर तैयार किया गया है जिसके मुख्य द्वार के केंद्र में भगवान केदारनाथ मंदिर तथा उसके दोनों ओर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों की कलात्मक प्रस्तुति होगी। यह भव्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण होगा।
महेंद्र लड्डा ने बताया कि इस बार दिल्ली का महाराजा के मंगल मूर्ति स्थापना पर भव्य कलश शोभायात्रा ‘अनेकता में एकता’ की थीम पर आधारित होगी। इसमें इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह भारत के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता को सात रंग, सात प्रदेश और सात प्रमुख परंपराओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। महिला शसक्तीकरण पर केंद्रित इस शोभा यात्रा में 52 महिलाएं हिस्सा लेंगी एवं जिनके माध्यम से 52 आराध्य शक्तिपीठों को को दर्शाया जाएगा l शोभायात्रा में राजस्थान की गंगौर यात्रा, बिहार का छठ पर्व, गुजरात का महा रास—गरबा एवं डांडिया, पंजाब की देशभक्ति प्रस्तुति, दुर्गा पूजा, महाराष्ट्र की वारी परंपरा तथा दक्षिण भारत की रामायण पर आधारित झांकियां शामिल होंगी। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ यह शोभायात्रा भारत की विविधता में एकता का संदेश देगी।
महेंद्र लड्डा ने बताया कि 25वें गणेश महोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को भव्य शोभायात्रा 4 बजे एवं मंगलमूर्ति की स्थापना शाम 6 बजे होगी। वहीं 25 सितंबर को छप्पन भोग, महाआरती एवं बप्पा के विसर्जन के साथ सिल्वर जुबली गणेश महोत्सव का समापन होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

