home page

मिठाई की दुकानों पर औचक छापेमारी, 922 किलोग्राम खाद्य सामग्री की गई नष्ट

 | 
मिठाई की दुकानों पर औचक छापेमारी, 922 किलोग्राम खाद्य सामग्री की गई नष्ट


नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारों के दौरान लोगों को शुद्ध और सुरक्षित मिठाइयां व खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में निहाल विहार में बिना लाइसेंस चल रही रसगुल्ला निर्माण इकाइयों, अन्य मिठाई निर्माताओं और मिठाई की दुकानों पर औचक छापेमारी कर 402 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट की गई।

दूसरी ओर मोरी गेट खोया मंडी में विशेष अभियान के दौरान 520 किलोग्राम खराब खोया और छेना नष्ट किया गया। कुल 922 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट की गई और नमूने उठाए गए।

मुख्यमंत्री ने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित निगरानी के साथ-साथ औचक निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई भी प्रभावी ढंग से जारी रखने व नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की शुद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। विशेषकर त्योहारों के दौरान जब मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, तब खाद्य सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि मिठाइयां हमारी परंपराओं, आस्था और आपसी स्नेह का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए उनकी शुद्धता सुनिश्चित करना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कारोबारी को अधिक मुनाफे के लिए लोगों की सेहत को जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि त्योहारों के उल्लास के बीच प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा सुनिश्चित दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने शनिवार को निहाल विहार में बिना लाइसेंस संचालित रसगुल्ला निर्माण इकाइयों, अन्य मिठाई निर्माताओं और मिठाई की दुकानों सहित 13 परिसरों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान अस्वच्छ निर्माण और खाद्य पदार्थों के रखरखाव से जुड़ी स्थितियों की जांच की गई। इस दौरान लगभग 402 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट की गई, जिसमें 265 किलोग्राम रसगुल्ला, 45 किलोग्राम छेना, 80 किलोग्राम मिल्क केक और 12 किलोग्राम कसा हुआ नारियल शामिल है। विभागीय टीमों ने जांच के लिए 14 नमूने भी लिए। इनमें छेना के छह, मिल्क केक और रसगुल्ले के दो-दो तथा मोतीचूर के लड्डू, आटे के लड्डू, रसभरी और पनीर के एक-एक नमूने शामिल हैं।

विभाग ने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले 26 अगस्त को उसकी कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की विभिन्न गलियों में मिठाई निर्माण से जुड़ी इकाइयों का पता लगाने में कठिनाई हुई थी। मिठाई बनाने वालों ने अलग-अलग गलियों में अपनी दुकानें बंद कर ली थीं। तब केवल तीन परिसर ही चिह्नित किए जा सके थे। इस बार कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए छुट्टी के दिन औचक निरीक्षण किया गया और सभी टीमों को अलग-अलग गलियों में एक साथ भेजा गया, ताकि निरीक्षण की भनक पहले से न लगे।

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने हाल ही में मोरी गेट खोया मंडी में विशेष अभियान चलाया। यहां लगभग 370 किलोग्राम खोया और 150 किलोग्राम छेना नष्ट किया गया। विभाग के अनुसार यह सामग्री लावारिस पाई गई और खराब होने के साथ उसमें दुर्गंध आ रही थी। वहां से प्रयोगशाला जांच के लिए खोया के तीन नमूने लिए गए।

विभाग ने बताया कि इससे पहले 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर इसी खोया मंडी में कार्रवाई करते हुए लगभग 3,050 किलोग्राम खोया और पनीर नष्ट किया गया था। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के मद्देनजर इन अभियानों का उद्देश्य खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री को आपूर्ति शृंखला में पहुंचने से रोकना है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा लागू नियमों और विनियमों के तहत निरीक्षण निष्कर्षों और जहां लागू हो, प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान निरीक्षण, नमूने लेने और प्रवर्तन की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले खाद्य पदार्थों के निर्माण, आपूर्ति और बिक्री पर रोक लगाई जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव