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तकनीकी विकास के साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्य के निर्माण पर ध्यान दें शिक्षक : केजी सुरेश

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तकनीकी विकास के साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्य के निर्माण पर ध्यान दें शिक्षक : केजी सुरेश


नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक डॉ. केजी सुरेश ने कहा कि शिक्षकों को तकनीकी विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। यह बात उन्होंने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित शिक्षा सम्मेलन में कही। वे मासिक पत्रिका यूथ कैंपस के 24वें सालाना समारोह के अवसर पर यहां हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन और विजन-2047’ विषय पर केंद्रीय इस आयोजन में बोल रहे थे। इस मौके पर कई शिक्षाविदों ने अपनी बात रखी।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डा. रवि शर्मा, दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) रोहतक के कुलपति डा अमित आर्या, शिक्षाविद व यूथ कैंपस के प्रधान संपादक धनराज गिरी, शिक्षाविद व इंडिया हैबिटाट सेंटर के सहायक निदेशक अमरनाथ, वाईपीएन विश्वविद्यालय के चांसलर रामजी यादव आदि ने संबोधित किया।

डा. केजी सुरेश ने यहां संबोधित करते हुए कहा कि कैंपस खड़ा करना सरकार का काम हो सकता है लेकिन छात्रों को संवेदनशील बनाना शिक्षकों का काम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्यों पर काम करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें मानव मूल्यों को तकनीकी और एआई से ऊपर रखना है।

शिक्षाविदों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कैंपस में ‘शोद्ध’ पर जोर दिया। शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण की कूंजी बताते हुए डीएलसीसुपवा के कुलपति डा अमित आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन जिस तरह से शुरु हुआ है, उसका असर जल्द दिखने लगेगा। उन्होंने शिक्षकों से ब्यक्तिगत योगदान की अपील की। एनईपी पर ‘विजन-2047’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रतिपल चौकाने वाले होंगे। इससे निकलने वाले छात्र हुनर वाले व आत्मनिर्भर होगें।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि शर्मा ने मासिक पत्रिका यूथ कैंपस के संघर्ष और सफलता पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कैसे एक परचे से शुरु हुआ आंदोलन आज 15 पंद्रह राज्यों में युवाओं का चेहता बना हुआ है। यूथ कैंपस के प्रधान संपादक धनराज गिरी ने इस मौके पर मासिक पत्रिका यूथ कैंपस का लेखा जोखा रखा। उन्होंने पत्रिका के यात्रा वृतांत को रेखांकित किया। इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में उम्दा काम करने वालों को सम्मानित किया गया। यूथ कैंपस के नए अंक का विमोचन हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव