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डीयू और एएमडी के बीच रणनीतिक साझेदारी, 10 हजार विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

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डीयू और एएमडी के बीच रणनीतिक साझेदारी, 10 हजार विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य


नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर नवाचार के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और एएमडी ने रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की। इसके तहत विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरत के अनुरूप एआई कौशल प्रदान करने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। दोनों संस्थानों के बीच गुरुवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के बीच सेतु बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में एआई शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में एएमडी के साथ डीयू की साझेदारी एक सराहनीय कदम है।

एमओयू के तहत एएमडी अपने ‘एआई एंगेज डेवलपर प्रोग्राम’ को दिल्ली विश्वविद्यालय में शुरू करेगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को एएमडी के ओपन-सोर्स आरओसीएम एआई सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, सीखने से जुड़े संसाधनों और डेवलपर जीपीयू क्लाउड क्रेडिट्स का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इस पहल के तहत अगले वर्ष तक करीब 10 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी इंडस्ट्री-ग्रेड टूल्स का उपयोग करते हुए एआई आधारित एप्लीकेशन तैयार करने, उनका परीक्षण करने और उन्हें डिप्लॉय करने का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को एआई की अवधारणाओं की समझ विकसित करने के साथ-साथ वास्तविक दुनिया में उनके इस्तेमाल का अवसर भी मिलेगा।

एमओयू पर दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता और एएमडी इंडिया की कंट्री हेड एवं एसवीपी इंजीनियरिंग जया जगदीश ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली, डीयू कल्चर काउंसिल के अध्यक्ष अनूप लाठर और फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. संजीव सिंह सहित दोनों संस्थानों के कई अधिकारी मौजूद रहे।

जया जगदीश ने कहा कि भारत में एआई नवाचार की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए प्रतिभा और महत्वाकांक्षा दोनों मौजूद हैं। विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया में एआई विकास को आगे बढ़ाने वाले प्लेटफॉर्म और टूल्स तक शुरुआती पहुंच उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई कॉन्सेप्ट सीखने से लेकर एआई समाधान तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि साझेदारी के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को एएमडी के एआई लर्निंग करिकुलम, तकनीकी कार्यशालाओं, ओपन सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम और व्यावहारिक प्रयोगों के लिए क्लाउड आधारित जीपीयू संसाधनों तक पहुंच मिलेगी।

जया जगदीश ने कहा कि यह कार्यक्रम नवाचार, अनुसंधान और डेवलपर प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के साथ भारत की स्वदेशी एआई क्षमताओं को विकसित करने के व्यापक दृष्टिकोण को भी समर्थन देगा। ओपन एआई प्लेटफॉर्म पर व्यावहारिक अनुभव के जरिए विद्यार्थियों को तैयार करने का उद्देश्य इंजीनियरों की ऐसी नई पीढ़ी विकसित करना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में योगदान दे सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी