दिल्ली विधानसभा में ‘साप्ताहिक यूथ आउटरीच कार्यक्रम’ का शुभारंभ
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा ने आज ‘साप्ताहिक यूथ आउटरीच कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया। यह पहल विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई, जिसकी शुरुआत महार्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन गीता कॉलोनी के 75 विद्यार्थियों के प्रथम दल के विधानसभा भ्रमण से हुई। यह जानकारी आज दिल्ली विधानसभा की ओर से जारी बयान में दी गई है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब प्रत्येक शनिवार को विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी दिल्ली विधानसभा का दौरा करेंगे, जिससे उन्हें विधायी कार्य प्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी समझ को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा के ऐतिहासिक विकास से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि वर्तमान विधानसभा भवन का निर्माण वर्ष 1912 में हुआ था, जो पूर्व में केंद्रीय विधानसभा का स्थल रहा है। साथ ही विट्ठल भाई पटेल की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए यह भी रेखांकित किया गया कि वर्ष 1993 में पुनः स्थापना के बाद से दिल्ली विधानसभा लोकतांत्रिक शासन के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विधायी प्रक्रियाओं एवं संस्थागत कार्यप्रणाली पर एक संरचित परिचय सत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर ‘एक शताब्दी यात्रा’ नामक स्मारक कॉफी टेबल बुक भेंट की गई तथा पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता अनुपम खेर की आवाज में तैयार विधानसभा के संस्थागत इतिहास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त छात्रों को विधानसभा भवन का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
‘यूथ आउटरीच कार्यक्रम’ की घोषणा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह पहल नागरिकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके माध्यम से युवा वर्ग को यह समझने का अवसर मिलेगा कि कानून कैसे बनाए जाते हैं और सार्वजनिक जीवन तथा लोकतांत्रिक शासन किन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।
गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र की सुदृढ़ता जागरूक, सूचित और जिम्मेदार नागरिकों पर निर्भर करती है। संस्थाओं के साथ निरंतर जुड़ाव, भागीदारी की संस्कृति, जवाबदेही और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहले युवाओं में नागरिक चेतना विकसित करने और लोकतांत्रिक समाज की नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यह कार्यक्रम दिल्ली विधानसभा सचिवालय की एक सुविचारित पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संसदीय प्रक्रियाओं एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन एवं विधायी कार्यों से निरंतर रूप से जोड़ना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

