एसआईआर नोटिस का मतलब वोटर लिस्ट से नाम हटना नहीं, दस्तावेज पेश करने का पूरा मौका मिलेगा: दिल्ली सीईओ
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी नोटिसों को लेकर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
दिल्ली सीईओ ने मंगलवार को प्रेस नोट करते हुए कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची मतदाताओं द्वारा गणना फॉर्म के माध्यम से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई। यह दिल्ली सीईओ की वेबसाइट, संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के कार्यालयों तथा सभी निर्धारित मतदान केंद्र स्थलों पर उपलब्ध है।
नागरिक इसे ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं और निर्वाचन आयोग के मतदाता खोज पोर्टल के माध्यम से अपना नाम भी देख सकते हैं।
एएसडीडी मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान बीएलओ ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों के साथ परामर्श करके अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाताओं (एएसडीडी) मतदाताओं की सूची तैयार की है। यह सूची भी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
नोट के मुताबिक, ड्राफ्ट मतदाता सूची में ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में अपने या अपने पूर्वजों के नाम से स्वयं को जोड़ा या लिंक किया। इसमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जो पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से अपना लिंक स्थापित नहीं कर सके थे। नोटिस किन मामलों में जारी किए गए एसआईआर की निर्धारित प्रक्रिया के तहत वर्तमान में नोटिस तथा दावे और आपत्तियों का चरण चल रहा है। ऐसे मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, जहां मतदाता का पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से लिंक स्थापित नहीं हो सका या रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गईं।
दिल्ली सीईओ ने नोट जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के समक्ष अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए दस्तावेजों की सूची सांकेतिक है, अंतिम नहीं। उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा लिया जाएगा। नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सूची और नोटिस जारी करने के कारण सीईओ की वेबसाइट, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध कराए गए हैं। किसी भी नाम को उचित प्रक्रिया के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और अपील का अवसर दिया जाएगा।
नोटिसों के निस्तारण के लिए 29 अक्टूबर तक का समय है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। “ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं है तो 30 सितंबर तक फॉर्म-6 भरें” यदि किसी पात्र नागरिक का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम शामिल कराने का दावा कर सकता है। आवश्यक सहायक दस्तावेजों के साथ यह फॉर्म संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या बीएलओ के पास ऑफलाइन जमा किया जा सकता है। इसे निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल और ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है। नाम शामिल कराने के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।
दिल्ली सीईओ ने कहा कि पात्र नागरिकों का अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करने के लिए 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्र स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए गए। यह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सभी मतदान केंद्र स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और विशेष सहायता की आवश्यकता वाले नागरिक इन शिविरों में निर्वाचन संबंधी सेवाओं के लिए अपने संबंधित बीएलओ, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा बेघर नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और सेक्स वर्कर्स के लिए 23 और 24 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सभी रात्रि आश्रय गृहों तथा दिल्ली में बेघर नागरिकों के अन्य इलाकों में आयोजित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

