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पात्र व्यक्ति को अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने का पूरा मौका दिया जा रहाः सीईओ

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नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम बिना जांच और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में किसी वजह से जिन व्यक्ति के नाम नहीं है, उन्हें नोटिस भेजकर अंतिम सूची में शामिल करने के लिए उचित मौका दिया जा रहा है।

सीईओ कार्यालय ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) सूची जारी होने से पहले बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को 2025 की मतदाता सूची का मिलान दिल्ली में 2002 में हुए एसआईआऱ से की। इस दौरान जो मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले/शिफ्ट पाए गए, उनकी रिपोर्ट बीएलओ ने दी। ऐसे हर मामले में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार स्पीड पोस्ट से व्यक्ति को उसके पंजीकृत पते पर नोटिस भेजा गया। सुनवाई में शामिल होने के लिए व्यक्ति को पर्याप्त समय दिया गया। यह बताया जाता है कि 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950', 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के तहत जांच किए बिना और संबंधित व्यक्ति को उचित मौका दिए बिना मतदाता सूची से किसी का नाम नहीं हटाया जा सकता। मतदाताओं की मैपिंग 'सेल्फ मैपिंग' और 'प्रोजेनी मैपिंग' (माता-पिता, दादा-दादी/नाना-नानी के साथ) कैटेगरी के तहत की गई। नोटिस का निपटारा 29 अक्टूबर तक होगा।

सीईओ कार्यालय ने बताया कि प्री-एसआईआर और दावा-आपत्ति अवधि में मिले सभी फार्म-6 पर कार्रवाई चल रही है और पात्र पाए जाने पर उनका नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव