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दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त से, सभी तैयारियां पूरी : विजेंद्र गुप्ता

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दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त से, सभी तैयारियां पूरी : विजेंद्र गुप्ता


नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली की आठवीं विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त को प्रातः 11:00 बजे पुराना सचिवालय स्थित विधानसभा सदन में प्रारंभ होगा। यह जानकारी दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति के जरिए दी। इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल के आदेशानुसार अधिसूचना जारी की गई है। सदन की बैठकें 7, 10 एवं 11 अगस्त को आयोजित होंगी तथा प्रत्येक बैठक दिन के निर्धारित कार्यों की समाप्ति तक चलेगी। सदन के समक्ष उपलब्ध कार्य के अनुसार बैठक की अवधि आवश्यकतानुसार बढ़ाई भी जा सकती है।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सत्र के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। नियमों के अंतर्गत आवश्यक सभी सूचनाएं (नोटिस) नेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से प्रस्तुत की जाएंगी। सदस्यों की सुविधा के लिए नोटिस शाखा तथा नेवा सेवा केंद्र के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध रहेगी। नियम 280 के अंतर्गत विषय उठाने के इच्छुक सदस्य संबंधित बैठक से पूर्व कार्य दिवस को सायं 5:00 बजे तक अपने नोटिस प्रस्तुत कर सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने तथा तीन दिवसीय सत्र को सार्थक एवं उत्पादक बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि विधानसभा परिसर में सुरक्षित, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है तथा स्थल पर अधिक प्रभावी एवं त्वरित सुरक्षा व्यवस्था स्थापित किया जा रही है।

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले ही तैनात की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि संशोधित प्रवेश व्यवस्था के अंतर्गत विधानसभा परिसर में प्रवेश केवल गेट संख्या-1 से ही किया जाएगा, जबकि अन्य सभी प्रवेश द्वारों को आवागमन को सुव्यवस्थित करने तथा बाहरी सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित रखा जाएगा। संभावित सुरक्षा जोखिमों, खुफिया सूचनाओं, सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी प्रणालियों, संचार नेटवर्क, आकस्मिक कार्ययोजनाओं, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा चिकित्सा, अग्निशमन एवं निकासी जैसी आपातकालीन व्यवस्थाओं को भी और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विधानसभा की कार्यवाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सदन की संस्थागत गरिमा एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव