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दिल्ली विधानसभा भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत धरोहर : विजेंद्र गुप्ता

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दिल्ली विधानसभा भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत धरोहर : विजेंद्र गुप्ता


नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। 'दिल्ली विधानसभा केवल एक विधायी संस्था नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत धरोहर है। लाइट एंड साउंड शो, विधायी ई-संग्रहालय तथा ऐतिहासिक जन-जागरूकता कार्यक्रमों जैसी पहलों के माध्यम से हम अनेक भूले-बिसरे राष्ट्रनिर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को पुनः जनमानस तक पहुंचाने का कार्य करेंगे,' यह बात दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शोध प्रकोष्ठ ‘परम्परा लेखन समिति’ दिल्ली प्रांत इकाई के प्रतिनिधिमंडल से संवाद के दौरान कही। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विजय शर्मा ने किया, जिसने आज विधानसभा का भ्रमण किया।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को पद्म भूषण अनुपम खेर की वाणी में प्रस्तुत वीर विठ्ठलभाई पटेल के जीवन एवं संसदीय योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री तथा शताब्दी कॉफी टेबल प्रकाशन “एक शताब्दी यात्रा” पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। प्रतिनिधिमंडल को इस कॉफी टेबल बुक के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें विधानसभा भवन के विकासक्रम को इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल एवं सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली से वर्तमान दिल्ली विधानसभा तक विस्तार से दर्शाया गया है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा भवन का भ्रमण कराया गया, जिसमें उन्हें भवन के ऐतिहासिक महत्व, संसदीय परंपराओं, विधायी प्रक्रियाओं तथा सदन के कार्य संचालन से अवगत कराया गया।

प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा ने भारत की संसदीय विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से अभिलेख संरक्षण, ऐतिहासिक शोध, वृत्तचित्र निर्माण, प्रकाशन तथा जनसंपर्क कार्यक्रमों सहित अनेक पहले आरंभ की हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विधानसभा परिसर में एक विधायी ई-संग्रहालय तथा लाइट एंड साउंड शो विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे इस संस्था की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े अनेक ऐतिहासिक घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया जा सके।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ये विरासत संरक्षण संबंधी पहलें आधुनिक प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं, जिनमें राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के अंतर्गत पेपरलेस कार्यप्रणाली तथा विधानसभा को देश की पहली पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित विधायी संस्था के रूप में विकसित करना शामिल है। विरासत और विकास के संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि भारत तभी आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर हो सकता है, जब वह अपनी सभ्यतागत और लोकतांत्रिक जड़ों से दृढ़ता से जुड़ा रहे।

विजेंद्र गुप्ता ने स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी संसदीय नेताओं में से एक वीर विठ्ठलभाई पटेल को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे निर्णायक दौर विठ्ठलभाई पटेल के सार्वजनिक जीवन और योगदान के समय से जुड़ा रहा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति में अनेक महापुरुषों ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई, किन्तु उनमें से कई राष्ट्रीय व्यक्तित्वों को सार्वजनिक विमर्श में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा की विरासत संबंधी पहले भारत की लोकतांत्रिक एवं राष्ट्रवादी यात्रा का अधिक समग्र और तथ्याधारित प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे महान योगदानों को पुनः राष्ट्रीय स्मृति में स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा भवन के विशिष्ट ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भवन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों के दौरान तत्कालीन सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली का केंद्र रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े अनेक ऐतिहासिक घटनाक्रम इन्हीं परिसर में घटित हुए थे तथा यह संस्था भारत के लोकतांत्रिक विकासक्रम में विशेष स्थान रखती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव