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मानसून सत्र में 4 विधेयक पारित, आठवीं विधानसभा में अब तक 19 कैग रिपोर्ट हुई पेश

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मानसून सत्र में 4 विधेयक पारित, आठवीं विधानसभा में अब तक 19 कैग रिपोर्ट हुई पेश


नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र में 13 घंटे 19 मिनट की कार्यवाही में चार विधेयक पारित किए गए। इसके अलावा आठवीं विधानसभा के छह सत्रों में 19 कैग रिपोर्ट पटल पर पेश हुई है। उन्होंने बुधवार को विधानसभा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह जानकारी देते हुए कहा कि मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष लगातार अनुपस्थिति रहीं।

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए और पारित किए गए। इनमें दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026; नागरिकों को समयबद्ध और सुगम सेवाओं की उपलब्धता के अधिकार से संबंधित विधेयक, 2026; दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026; तथा दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून जन सेवाओं की बेहतर व्यवस्था, शहरी आश्रय प्रशासन को मजबूत करने और दिल्ली अग्निशमन सेवा के कामकाज में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नियम 280 के तहत सदस्यों ने कुल 52 जनहित के मामले उठाए। सामान्यतः प्रतिदिन 10 सदस्यों के लिए निर्धारित सीमा के बावजूद इस बार एक ही दिन में 23 सदस्यों को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया। उन्होंने बताया कि 22 विपक्षी सदस्यों वाली विधानसभा में विपक्ष के लगभग 20 सदस्य सदन में उपस्थित रहे। वहीं, सत्तापक्ष की भी 48 में से लगभग 44–45 सदस्य के साथ मजबूत उपस्थिति रही।

विजेंद्र गुप्ता ने सातवीं दिल्ली विधानसभा की तुलना की, जिसने अपने पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में केवल पांच सत्र आयोजित किए थे। इसके विपरीत आठवीं दिल्ली विधानसभा ने डेढ़ वर्ष से भी कम समय में छह सत्र आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने सदन में कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, पीडब्लूडी की सड़कों और बिजली के बिलों सहित कई महत्वपूर्ण नागरिक समस्याओं को उठाया। सदन में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका और सजा के मुद्दे पर दो दिवसीय अल्पकालिक चर्चा भी हुई। इसके अलावा दिल्ली लक्ष्मी योजना के संबंध में सदन ने सर्वसम्मति से बधाई प्रस्ताव पारित किया। गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश उत्सव पर शुभकामनाएं दी गईं तथा पूर्व विधायकों और दिल्ली में हुई दुखद आग की घटनाओं के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

सत्र के दौरान तकनीक के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। दिल्ली विधानसभा में एआई आधारित भाषिणी लाइव ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद प्रणाली का पायलट आधार पर शुभारंभ किया गया। इसके माध्यम से विधानसभा ने तकनीक के उपयोग से सदन की कार्यवाही को अधिक सुगम, समावेशी और लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 19 कैग रिपोर्टों पर सदन में विस्तृत और समयबद्ध चर्चा हुई। सभी रिपोर्टों को संबंधित सरकारी विभागों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के लिए भेज दिया गया है। इस प्रक्रिया में लोक लेखा समिति (पैक) की सक्रिय भूमिका रहेगी तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्टों पर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए, ताकि प्रत्येक मामले का तार्किक निष्कर्ष निकले और उनकी सिफारिशों का जल्द से जल्द प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

सदन और विधानसभा परिसर में कुछ विपक्षी सदस्यों के अमर्यादित आचरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने, चावल जैसी वस्तुएं फेंकने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और तीनों दिन मार्शलों के हस्तक्षेप की स्थिति पैदा करने जैसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। गुप्ता ने कहा कि अध्यक्ष के पास कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का पूरा अधिकार था, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादा और संसदीय परंपराओं के सम्मान की उम्मीद में संयम बरता। सदन के पटल से अध्यक्ष द्वारा निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव