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झुलसाती गर्मी में ट्रैफिक पुलिस को एसी हेलमेट और कूलिंग गैजेट्स

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झुलसाती गर्मी में ट्रैफिक पुलिस को एसी हेलमेट और कूलिंग गैजेट्स


नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच सड़क पर घंटों ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। राजधानी के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्यूटी पर तैनात जवानों को एसी हेलमेट, पोर्टेबल कूलिंग डिवाइस और अतिरिक्त हाइड्रेशन सुविधा उपलब्ध करानी शुरू कर दी है।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी में चौराहों और व्यस्त ट्रैफिक प्वाइंट पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले पुलिसकर्मियों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

फिलहाल इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। तीन मूर्ति गोलचक्कर समेत राजधानी के कई व्यस्त ट्रैफिक प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को विशेष तकनीक से लैस कूलिंग हेलमेट दिए गए हैं। इन हेलमेट में बैटरी आधारित तापमान नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जो बाहरी तापमान की तुलना में सिर के आसपास का तापमान करीब 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम रखने में सक्षम है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्सों में सिर प्रमुख होता है और तेज गर्मी में लंबे समय तक ड्यूटी करने के दौरान सबसे अधिक असर उसी पर पड़ता है। खासकर वर्दी और सुरक्षा उपकरण पहनने की वजह से शरीर में हवा का प्रवाह सीमित हो जाता है। ऐसे में कूलिंग हेलमेट जवानों को राहत देने में मदद करेंगे। सिर्फ हेलमेट ही नहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बैटरी से चलने वाले हैंडहेल्ड फैन, कॉलर फैन और छोटे पोर्टेबल टेबल फैन भी दिए गए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल ट्रैफिक बूथ और चौराहों पर किया जा सकेगा, ताकि गर्मी से होने वाली परेशानी कम हो सके। इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्वाइंट पर ठंडे पानी और ओआरएस की भी व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक इससे ड्यूटी के दौरान डिहाइड्रेशन और कमजोरी की समस्या को रोकने में मदद मिलेगी।

कई ट्रैफिक प्वाइंट पर अस्थायी टिन शेड भी लगाए गए हैं, ताकि पुलिसकर्मियों को धूप से राहत मिल सके। साथ ही धूलभरी आंधी या खराब मौसम की स्थिति में भी कुछ हद तक सुरक्षा मिल सके। दिल्ली-एनसीआर पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे हालात में सड़क पर ट्रैफिक संभालने वाले पुलिसकर्मियों के लिए शुरू की गई यह पहल राहत भरी साबित हो सकती है। ट्रैफिक पुलिस अब इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों की समीक्षा करेगी। सफल रहने पर इसे पूरे शहर में लागू किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी