दिल्ली में हर महीने 10 हजार पीएनजी कनेक्शन देने का फैसला : सूद
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा राजधानी में हर महीने 10 हजार लोगों को पीएनजी कनेक्शन देने का फैसला लिया गया है। मंत्री ने आज पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आईजीएल, शहरी विकास विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दिल्ली में पीएनजी कनेक्शन के विस्तार को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक नागरिकों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। साथ ही विभाग द्वारा डोर-टू-डोर सघन अभियान चलाकर दिल्ली के लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
सूद ने कहा कि राजधानी के कई क्षेत्रों में अब भी लोग पारंपरिक गैस सिलेंडरों और चूल्हों पर निर्भर हैं, जबकि पीएनजी एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है। इसमें सिलेंडर बुकिंग या प्रतीक्षा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और आपूर्ति निर्बाध रहती है।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान के माध्यम से लोगों को पीएनजी के लाभों से अवगत कराया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली में लगभग 18 लाख पीएनजी कनेक्शन देने की क्षमता है, जबकि अब तक करीब 14 लाख कनेक्शन ही दिए जा सके हैं। शेष 4 लाख कनेक्शन जल्द से जल्द प्रदान करने के लिए अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूद ने यह भी बताया की आज की वैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं में भी पीएनजी के उपयोग को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत अटल कैंटीन, नाइट शेल्टर की रसोइयों, मिड-डे मील किचन तथा एमसीडी की रसोइयों में पारंपरिक गैस सिलेंडरों के स्थान पर पीएनजी का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के सभी रेस्टोरेंट, होटल, गुरुद्वारों, मंदिरों, आदि में भी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी गैस के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। जहां अभी भी सिलेंडर का उपयोग हो रहा है, वहां शीघ्र पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी पीएनजी की पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा। संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समाधान विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया की आज की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार हर महीने दिल्ली में 10 हजार पीएनजी के नए कनेक्शन लोगों को देने के साथ-साथ इस संख्या को 25 हजार प्रति माह तक बढ़ाया भी जा सकता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

