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दिल्ली शराब नीति केस डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहींः सौरभ भारद्वाज

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दिल्ली शराब नीति केस डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहींः सौरभ भारद्वाज


नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली शराब नीति केस डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहीं। उन्होंने इसे अपनी बड़ी कानूनी जीत बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने अब तक ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

आआपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को पार्टी कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के कथित शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपितों को ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए डिस्चार्ज आदेश पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगी है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दायर अपील पर सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायवय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर स्टे देने से इनकार कर दिया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने पाया कि तथाकथित शराब घोटाले का मामला पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत था। उन्होंने बताया कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उपलब्ध सबूत इतने मजबूत नहीं हैं कि मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया जा सके। कोर्ट ने सभी आरोपियों को आरोपमुक्त करते हुए कहा था कि आरोप मुख्य रूप से अनुमान और संभावनाओं पर आधारित हैं।

भारद्वाज ने कहा कि उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दलीलें रखी गईं। अदालत ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज आदेश पर कोई स्टे नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा सीबीआई अधिकारियों पर की गई कुछ टिप्पणियों और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित हिस्से पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि अदालत ने अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष भी मांगा है।

दिल्ली अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर भी अदालत ने कहा कि जब तक इस अपील पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक संबंधित कार्यवाही को फिलहाल टालकर रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और ऊपरी अदालत में सुनवाई जारी रहेगी।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी