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दिल्ली लक्ष्मी योजना में 5.14 लाख से अधिक पंजीकरण, 2.18 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से हुए जमा

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दिल्ली लक्ष्मी योजना में 5.14 लाख से अधिक पंजीकरण, 2.18 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से हुए जमा


नई दिल्ली, 08 अगस्त (हि.स.)। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ में केवल सात दिनों के भीतर ही पांच लाख से अधिक महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है, जबकि दो लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को एक बयान में कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च के महज सात दिनों में मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन अपने आप में ऐतिहासिक है। किसी भी सरकारी योजना में इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर पंजीकरण होना एक रिकॉर्ड है। ये आंकड़े योजना के प्रति महिलाओं के बढ़ते विश्वास और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए दिल्ली सरकार की पहल को मिल रही व्यापक स्वीकृति को दर्शाता है।

आज दोपहर तक दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत कुल 5,14,460 महिलाओं के आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 4,36,316 पंजीकृत लाभार्थियों ने अपना जिला व विधानसभा क्षेत्र दर्ज कर दिया है, जबकि 78,144 लाभार्थियों ने अभी तक अपना जिला व विधानसभा क्षेत्र दर्ज नहीं कराया है। वहीं, कुल 2,18,728 आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं।

जिलावार आंकड़ों के मुताबिक उत्तर-पूर्वी जिले में सबसे अधिक 73,676 पंजीकृत उपयोगकर्ताओं ने अपना जिला दर्ज किया है, जिनमें से 38,579 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी जिले में 55,700 पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में से 34,545, पश्चिमी जिले में 44,358 में से 18,967, दक्षिण-पश्चिमी जिले में 44,149 में से 23,994, बाहरी उत्तर जिले में 39,401 में से 23,694, दक्षिण-पूर्वी जिले में 38,979 में से 18,725, उत्तरी जिले में 37,263 में से 16,074, पूर्वी जिले में 30,621 में से 14,771, दक्षिणी जिले में 26,316 में से 11,000, मध्य-उत्तरी जिले में 14,279 में से 6,332, मध्य जिले में 13,715 में से 4,208, पुरानी दिल्ली जिले में 12,286 में से 6,038 और नई दिल्ली जिले में 5,573 में से 1,801 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण होना दिल्ली की माताओं-बहनों के सरकार और योजना के प्रति विश्वास को दर्शाता है। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को दो वित्तीय विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प में 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में दैनिक आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध होंगे तथा 1,500 रुपये आरडी व एफडी में जमा किए जाएंगे। दूसरे विकल्प में पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी व एफडी में जमा कर दी जाएगी, जिससे महिलाओं की दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था पर संचालित हो रही है। आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण, अनुमोदन, पीएफएमएस एकीकरण, बैंकिंग सेवाओं तथा भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। प्रत्येक आवेदन चार-स्तरीय जांच एवं अनुमोदन प्रक्रिया से गुजरता है, जिससे केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजना की पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र लाभार्थी महिलाओं के खातों में जारी करने का है।

मुख्यमंत्री ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल www.dly.delhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें और दिल्ली सरकार की इस ऐतिहासिक योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा, बचत की संस्कृति और विकसित दिल्ली के निर्माण में उनकी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव